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    दलाल से बनवाया तो ब्लैकलिस्ट होगा आपका डीएल! तैयार हो रही लिस्ट, यूपी में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 01:29 PM (GMT+05:30)

    बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद परिवहन विभाग ने जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध डीएल को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। ...और पढ़ें

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    जागरण टीम, गोरखपुर। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लेकर अरुणाचल तक फैले दलालों के नेटवर्क ने सारथी पोर्टल की 'कमजोरी' का फायदा उठाया और फर्जी डीएल बनवाकर लाखों रुपये वसूल लिए। अनुमान है कि साढ़े चार हजार से अधिक ऐसे मामले हो सकते हैं। एक लाइसेंस का तीन हजार से पांच हजार रुपये तक वसूला गया है।

    प्रकरण प्रकाश में आने के बाद एक ओर सिस्टम की खामियां उजागर हुई हैं, तो दूसरी तरफ मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस फर्जीवाड़े के तार कई जिलों से जुड़े होने के प्रमाण मिलने के बाद परिवहन विभाग विभिन्न जिलों में संदिग्ध लाइसेंस नंबरों की सूची तैयार करा रहा है।

     बस्ती में ऐसे आठ लाइसेंस को जांच पूरी होने तक के लिए सारथी पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

    बस्ती के संभागीय निरीक्षक प्राविधिक (आरआई) सीमा गौतम ने बताया कि जब आवेदक द्वारा पहली बार किसी कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी सेवा ली जाती है तो वेरीफिकेशन अथवा अप्रूवल के स्तर पर प्रदर्शित नहीं होता है कि डीएल का बैकलॉग इंट्री किस जनपद या राज्य से किया गया है।

    बैकलॉग किए गए सभी ड्राइविंग लाइसेंस का सारथी पोर्टल में किसी भी प्रकार का कोई विवरण प्रदर्शित नहीं होता है, साथ ही इस पर ड्राइविंग लाइसेंस की एनओसी संबंधी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस के बैकलॉग संबंधी विवरण का परीक्षण किया जाना संभव नहीं हो पाता है।

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    सारथी की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर दलालों ने प्रदेश भर में लोगों के फर्जी डीएल बनवाए। अपने नेटवर्क में शामिल लोगों के जरिये अरुणाचल में बैकलॉग इंट्री कराई और बस्ती और आसपास के जिलों में पता परिवर्तन का आवेदन कर बिना लर्नर लाइसेंस (लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस) के ही पक्का डीएल (परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस) बनवाया।

    भारी वाहनों के लिए भी इसी युक्ति के जरिये नियम-कायदे को ठेंगा दिखा फर्जी लाइसेंस जारी कराए। बस्ती से यह प्रकरण प्रकाश में आने के बाद वहां पिछले छह माह में अरुणाचल प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों से बैकलॉग इंट्री वाले ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन कराने का निर्देश उच्चाधिकारियों ने दिया है।

    गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर आदि जिलों में भी संदिग्ध लाइसेंस नंबरों की सूची तैयार करने का काम शुरू हो गया है। बैकलॉग वाले सभी डीएल व आवेदन की जांच शुरू हो गई है। फाइलें खंगाली जा रही हैं।

    विशेष वाहक भेज कर सारथी पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट किए गए डीएल का सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद फर्जी पाए जाने पर डीएल के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

    -फरीदउद्दीन, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन, बस्ती