अब 'लंच ब्रेक' के नाम पर नहीं रुकेगा काम, यूपी ग्रामीण बैंक ने शुरू की नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने ग्राहकों को पूरे कार्यदिवस निर्बाध सेवाएं देने के लिए 'लंच ब्रेक' के नाम पर काम रोकने पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

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HighLights
यूपी ग्रामीण बैंक में अब लंच ब्रेक नहीं होगा।
ग्राहकों को पूरे कार्यदिवस निर्बाध सेवाएँ मिलेंगी।
बैंक यूनियनों ने इस नए नियम का विरोध किया है।
राजीव रंजन, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (यूपीजीबी) की किसी भी शाखा में अब ‘लंच ब्रेक’ के नाम पर बैंकिंग कार्य नहीं रुकेगा। बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों को पूरे कार्यदिवस के दौरान निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नया सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत शाखाओं में लंच टाइम की सूचना लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।
बैंक के मानव संसाधन प्रबंधन (एचआरएम) विभाग की ओर से छह जुलाई को जारी सर्कुलर के अनुसार, भोजनावकाश बैंक का आंतरिक प्रशासनिक विषय है। इसका असर ग्राहक सेवाओं पर नहीं पड़ना चाहिए। इसलिए किसी भी शाखा में लंच टाइम से संबंधित बोर्ड या नोटिस नहीं लगाया जाएगा।
एचआरएम महाप्रबंधक बीके ठाकुर की ओर से जारी आदेश में सभी शाखा प्रबंधकों को कर्मचारियों के भोजन का समय बारी-बारी से निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी समय कोई काउंटर बंद न रहे। कैश काउंटर समेत सभी फ्रंट ऑफिस काउंटर पूरे कार्यदिवस के दौरान संचालित रहेंगे और ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के सेवाएं मिलती रहेंगी।
सर्कुलर में कहा गया है कि बैंक का कार्य समय सोमवार से शनिवार (दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर) सुबह 10 से शाम 5 बजे तक रहेगा। नकद लेनदेन शाम चार बजे तक होगी। कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक अपनी सीट पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कार्यदिवस समाप्त होने से पहले शाखा में आने वाले अंतिम ग्राहक का कार्य पूरा करने के बाद ही कर्मचारी अपनी सीट छोड़ सकेंगे।
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बैंक प्रबंधन ने क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने और नियमित निगरानी करने को कहा है। तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों बड़ौदा यूपी बैंक, आर्यावर्त बैंक और प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के विलय के बाद जारी यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
विरोध करेगा यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार शाही ने कहा कि इस व्यवस्था की वजह से काफी परेशानी आ रही है। जहां ज्यादा कर्मचारी हैं, वहां तो दिक्कत नहीं है, लेकिन जहां सिंगल कर्मचारी हैं, वहां इस व्यवस्था को लागू करने में काफी दिक्कत आ रही है।
प्रबंधन से इसमें बदलाव की मांग की जाएगी। ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा कि यूपीजीबी का यह तालिबानी फरमान शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम) साथ ही मानवाधिकार के विरुद्ध है, जिसके खिलाफ 28 जुलाई को यूनाइटेड फोरम आफ ग्रामीण बैंक यूनियंस द्वारा संसद के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।