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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Railway: गोरखपुर से वंदे भारत ट्रेन के संचालन को लेकर तैयारी तेज, ICF चेन्नई में प्रशिक्षित किए गए 6 रेलकर्मी

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Sat, 28 Jan 2023 03:48 PM (IST)

    Railway News गोरखपुर से वंदे भारत ट्रेन के संचालन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। गोरखपुर न्यू वाशिंग पिट में सफाई- धुलाई होगी। इसके लिए बोर्ड को प्र ...और पढ़ें

    गोरखपुर से वंदे भारत ट्रेन के संचालन की तैयारी तेज। (फाइल)
    गोरखपुर से वंदे भारत ट्रेन के संचालन की तैयारी तेज। (फाइल)

    गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर से वंदे भारत ट्रेन के संचालन को लेकर तैयारी तेज हो गई है। सुगम संचालन के लिए इलेक्ट्रिक व कैरेज एंड वैगन विभाग गोरखपुर के छह रेलकर्मी चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) में प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। ट्रेन की मरम्मत व रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनी ही संभालेगी। सफाई-धुलाई के लिए गोरखपुर न्यू वाशिंग पिट का प्लेटफार्म-एक लगभग तय कर लिया है, जिस पर विद्युतीकरण की तैयारी चल रही है। रेलवे प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड को भेज दिया है। बोर्ड की अनुमति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। एक से तीन प्लेटफार्म के ऊपर शेड का भी निर्माण किया जाएगा।

    गोरखपुर से नई दिल्ली व प्रयागराज के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की है योजना

    गोरखपुर से नई दिल्ली और प्रयागराज के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना है। गोरखपुर रूट पर वंदे भारत ट्रेन का नया वर्जन 2.0 ही चलेगा। 430 टन के पिछले संस्करण की तुलना में इस उन्नत वंदे भारत का वजन 392 टन होगा। नए वर्जन की ट्रेन महज 52 सेकेंड में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेगी। वाइफाइ कंटेंट आन डिमांड की सुविधा मिलेगी। हर कोच में 32 इंच की स्क्रीन होगी। वंदे भारत पर्यावरण अनुकूल भी होगी। नए डिजाइन में वायु शोधन के लिए रूफ- माउंटेड पैकेज यूनिट (आरएमपीयू) में वायु शोधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। जिससे कीटाणुओं, बैक्टीरिया, वायरस आदि से हवा को फिल्टर किया जा सकेगा।

    घूमने वाली सीटों की मिलेगी सुविधा

    एग्जीक्यूटिव कोच में 180 डिग्री घूमने वाली सीटों की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में टक्कर बचाव प्रणाली भी है, जो यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करेगी। पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यमार्ग बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा लगभग (425 किमी) देश की प्रमुख गतिमान ट्रेनों के संचालन लायक बनकर तैयार है। जिसपर वंदे भारत ही नहीं राजधानी, शताब्दी और दूरंतो एक्सप्रेस भी 110 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।