मरते दम तक जेल में रहेगा मौलाना, मस्जिद में मासूम से की थी दरिंदगी, हमीरपुर पॉक्सो कोर्ट का फैसला
हमीरपुर में मस्जिद में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी मौलाना को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मौलाना मुंतजिर आलम को जीवन की अंत ...और पढ़ें

मौलाना मुंतजिर आलम। सौजन्य अधिवक्ता
HighLights
कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव की मस्जिद में 29 नवंबर 2023 की सुबह मौलाना ने दिया था घटना को अंजाम
विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार ने दोषी मौलाना पर लगाया 26 हजार रुपये का जुर्माना
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। हमीरपुर जिले से न्यायपालिका की एक बेहद बड़ी और नजीर पेश करने वाली खबर सामने आई है। मस्जिद में मजहबी तालीम लेने गई एक मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले कलयुगी मौलाना को अदालत ने उसके पापों की कड़ी सजा दी है।
मस्जिद में पढ़ने गई बालिका के साथ मौलाना के द्वारा किए गए दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार ने मौलाना को दोषी पाते हुए उम्रकैद यानि जीवनकाल की अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा का फैसला सुनाया है। इसके साथ ही दोषी पर 26 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी ने थाना में दी तहरीर में कहा कि उसके गांव में एक मस्जिद में मौलाना बच्चों को पढ़ाता है। 29 नवंबर 2023 की सुबह सात बजे वादी की 11 वर्षीय भतीजी व 10 वर्षीय बेटा रोज की तरह मस्जिद में मौलाना मुंतजिर आलम पुत्र रजाबुल हक उर्फ जैदुर रहमान निवासी कोचगढ़ थाना रौटा जिला पूर्णिया बिहार से पढ़ाई करने गए थे।
पीड़िता ने बताया कि मौलाना ने उसके भाइयों से कह दिया कि बर्तन धो और मुझसे कहा कि तुम झाड़ू लगाओ। अन्य सभी बच्चों की छुट्टी कर दी। जब बालिका झाड़ू लगा रही थी, तभी मौलाना उसे जबरदस्ती उठाकर बेड के पास ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वादी की भतीजी ने साढ़े आठ बजे घर आकर वादी की मां से दुष्कर्म की बात बताई। तब वादी अपनी भतीजी को लेकर थाना पहुंचकर तहरीर दी।
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पुलिस ने वादी की तहरीर पर मौलान के खिलाफ दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार ने मुंतजिर आलम पुत्र रजाबुल हक उर्फ जैदुर रहमान को दोषी पाते हुए उम्रकैद यानि जीवनकाल की अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा का फैसला सुनाते हुए 26 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।