पैमाइश में नहीं चलेगी लेखपालों की मनमानी, हापुड़ में अब डिजी रोवर तकनीक से मापी जाएगी किसानों की भूमि
धौलाना तहसील में अब भूमि की पैमाइश आधुनिक डिजी रोवर तकनीक से होगी, जिससे खेतों के विवाद कम होंगे। यह सैटेलाइट आधारित तकनीक मापन को सटीक, पारदर्शी और व ...और पढ़ें

सैटेलाइट आधारित तकनीक से मापी जाएगी भूमि। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
धौलाना में डिजी रोवर तकनीक से होगी भूमि पैमाइश
यह तकनीक भूमि विवादों को कम करने में सहायक होगी
सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा भूमि का मापन
जागरण संवाददाता, धौलाना। खेतों की पैमाइश को लेकर होने वाले विवादों पर जल्द ही लगाम लग सकती है। धौलाना तहसील में भी अब आधुनिक डिजी रोवर तकनीक से भूमि की नापतोल शुरू होने जा रही है।
राजस्व विभाग का दावा है कि नई तकनीक से पैमाइश पूरी तरह पारदर्शी होगी और मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। तहसीलदार दिव्यांशी सिंह ने बताया कि अभी तक खेतों की पैमाइश को लेकर किसानों और राजस्व कर्मियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती थी।
अब सैटेलाइट आधारित तकनीक लागू होगी
कई बार किसान नापतोल में गड़बड़ी और मनमानी के आरोप भी लगाते रहे हैं। ऐसी शिकायतों को देखते हुए अब सैटेलाइट आधारित डिजी रोवर तकनीक लागू की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक में लेखपाल के पास एक विशेष डिजी रोवर यंत्र होगा, जो सैटेलाइट से जुड़कर कार्य करेगा। इस यंत्र में तहसील के सभी गांवों के नक्शे और उनके कोऑर्डिनेट पहले से दर्ज रहेंगे।
किसान की भूमि की पैमाइश के दौरान उसी डिजिटल रिकाॅर्ड के आधार पर सटीक मापन किया जाएगा, जिससे विवाद की संभावना काफी कम हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-24 के अंतर्गत होने वाली पैमाइश के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उनका कहना है कि डिजी रोवर तकनीक से भूमि का मापन अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा, जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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