रालोद की अंदरूनी कलह आई सामने, हापुड़ में दो नेताओं को नोटिस जारी; पार्टी ने 5 दिन में मांगा जवाब
रालोद की हापुड़ इकाई में अंदरूनी कलह सामने आई है, जिसके बाद पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति ने दो नेताओं, शिव कुमार त्यागी और चौधरी जितेंद्र सिंह, को क ...और पढ़ें
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रालोद की हापुड़ इकाई में चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई। एआई जनरेटेड
HighLights
रालोद हापुड़ इकाई में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आई।
दो नेताओं को अनुशासनहीनता पर कारण बताओ नोटिस जारी।
बैठक में विवाद के बाद पांच दिन में मांगा स्पष्टीकरण।
जागरण संवाददाता, हापुड़। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की हापुड़ इकाई में चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की जिला स्तरीय बैठक में हुए विवाद के मामले में रालोद की प्रदेश अनुशासन समिति ने दो नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह बालियान की ओर से जारी नोटिस नेता शिव कुमार त्यागी और चौधरी जितेंद्र सिंह के नाम भेजा गया है।
5 दिन में मांगा लिखित स्पष्टीकरण
नोटिस में कहा गया है कि 24 जून को आरके प्लाजा में जिला अध्यक्ष की ओर से आयोजित बैठक में दोनों नेताओं के व्यवहार से बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई, जिसे पार्टी नेतृत्व ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है। नोटिस में दोनों नेताओं से पांच दिन के भीतर तथ्यों सहित लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
अनुशासन समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं हुआ या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो पार्टी संविधान के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह था पूरा घटनाक्रम
24 जून को हापुड़ के आरके प्लाजा में राष्ट्रीय लोकदल की जिला स्तरीय बैठक में क्षेत्राध्यक्ष तरसपाल मलिक, मेरठ मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत भाटी सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक के दौरान अधिवक्ता चौधरी जितेंद्र सिंह अपने विचार रखना चाहते थे। इसी बीच वरिष्ठ नेता शिवकुमार त्यागी ने उन्हें रोकना चाहा। जिसको लेकर हुई तनातनी के बाद शिवकुमार त्यागी ने टेबल पर रखे कांच का गिलास उठाकर जितेंद्र चौधरी के ऊपर फेंकने का प्रयास किया।
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इसके बाद नौबत गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंच गई। उस समय मामला किसी तरह शांत करा दिया गया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर भेज दी थी।