हापुड़ देहात थाने के भीतर चिता लगाकर लेट गया भाकियू नेता, जमीन के विवाद में हाईवोल्टेज ड्रामा
हापुड़ के असौड़ा गांव में जमीन विवाद ने नया मोड़ ले लिया, जहां एक महिला ने अवैध कब्जे और फसल नष्ट करने का आरोप लगाया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प ...और पढ़ें

हापुड़ देहात थाने में उपलों से चिता लगाकर लेट गया भाकियू नेता। फोटो: जागरण
HighLights
हापुड़ के असौड़ा गांव में जमीन कब्जे को लेकर विवाद
भाकियू (टिकैत) का पुलिस पर पक्षपात का आरोप
थाने में कार्यकर्ता ने चिता पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया
केशव त्यागी , हापुड़। थाना देहात क्षेत्र के गांव असौड़ा में जमीन कब्जा विवाद ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। एक ओर महिला ने कुछ लोगों पर उसकी कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करने और फसल नष्ट करने का आरोप लगाया।
वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने पुलिस पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए देहात थाने में धरना शुरू कर दिया।
विरोध के दौरान थाने में भाकियू कार्यकर्ता गांव पटना मुरादपुर के शौकीन सैफी थाना परिसर में चिता बनाकर उस पर लेट गया और जमकर प्रदर्शन किया। स्थिति को देखकर स्पष्ट हो रहा था कि संगठन की आड़ में कानून व्यवस्था का मखौल उड़ाया जा रहा है।
भाकियू युवा जिलाध्यक्ष पर बड़ा आरोप
गांव असौड़ा की टीना त्यागी ने आरोप लगाया कि दो जून की रात भाकियू (टिकैत) के युवा जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी उसके बड़े भाई ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसकी खड़ी फसल को नष्ट कर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया।
जब वह अपने पति और बच्चों के साथ खेत पर पहुंची और विरोध किया तो आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा पथराव भी किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उसे और उसके परिवार को ही थाने ले आई।
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थाने में भी युवा जिलाध्यक्ष के बड़े भाई ने दारोगा के सामने उसके दोनों पुत्रों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने डीआईजी कलानिधि नैथानी से भी शिकायत की थी।
आरोप है बीते शुक्रवार को उसके दोनों पुत्र खेत पर पहुंचकर जबरन लगाई बाउंड्रीवाॅल हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान फिर विवाद की स्थिति बन गई।
दूसरी तरफ के लोग दोबारा जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए, जिसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। बावजूद इसके आज तक आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
दीवार तोड़ी और अभद्रता की
दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने महिला के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पक्ष की बाउंड्रीवॉल तोड़ी गई और मौके पर काम कर रहे कामगारों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग अभद्र व्यवहार किया गया।
मामले में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और उन के पक्ष को परेशान किया जा रहा है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता थाना देहात पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान भाकियू कार्यकर्ता ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए थाना परिसर में गोबर के उपलों से चिता बनाई और उसपर शौकीन लेट गया। इस बीच उन्होंने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
थाना देहात प्रभारी पारस मालिक ने बताया कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। मामले में प्रशासनिक अधिकारी जांच करा रहे हैं। शुक्रवार को भी जमीन की जांच की गई। जांच पूरी होने पर ही कार्रवाई की जाएगी।
जमीन पर कब्जे के आरोप में प्रसारित वीडियो के जरिए उन्हें बदनाम करने, गन्ना भुगतान, फर्जी नलकूपों के बिल व आवारा पशुओं पर कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन था। कार्यकर्ता की कोई जाति व धर्म नहीं है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
- ज्ञानेश्वर त्यागी, युवा जिलाध्यक्ष, भाकियू
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