हापुड़ में भीषण गर्मी का कहर जारी, 45 डिग्री तक पहुंचा तापमान; अगले पांच दिनों के लिए रेड अलर्ट
हापुड़ में सोमवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए रेड अलर्ट जार ...और पढ़ें
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मौसम विभाग ने हापुड़ में अगले पांच दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
HighLights
सोमवार को हापुड़ में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिन का रेड अलर्ट जारी किया।
प्रशासन ने लू से बचाव हेतु कंट्रोल रूम स्थापित किया।
जागरण संवाददाता, हापुड़। सोमवार को लोगों को दिनभर उमसभरी गर्मी के चलते पसीना-पसीना होना पड़ा। सुबह से ही तेज धूप, गर्म हवाओं और आर्द्रता के चलते गर्मी के साथ ही बेचैनी का सामना करना पड़ा। सोमवार का न्यूनतम तापमान 32 और अधिकतम 45 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
वहीं मौसम विभाग ने पांच दिन का रेड अलर्ट जारी किया है। इससे मंगलवार को तापमान और ज्यादा रहने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
तेज गर्म हवाओं के साथ लू चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को तेज धूप के साथ ही उमस और बढ़ गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के साथ ही सोमवार को दूसरे दिन भी राहत नहीं मिली। सुबह से ही तेज धूप के साथ लोग पसीना-पसीना होते रहे। धूप के चलते तापमान भी ज्यादा रहा।
अभी गर्मी से राहत मिलने के आसान नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को तापमान में और ज्यादा बढ़ेतरी हो सकती है। जिससे लोगों को आफत झेलनी पड़ेगी। ऐसे मौसम में लोगों को स्वास्थ्य पर ध्यान देने और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह दी गई है।
| दिन | न्यूनतम / अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|
| सोमवार | 32 / 45 |
| मंगलवार | 29 / 46 |
| बुधवार | 32 / 46 |
| बृहस्पतिवार | 29 / 46 |
| शुक्रवार | 29 / 45 |
जानलेवा हो सकती है लापरवाही
विशेषज्ञों के अनुसार लू का मौसम सर्दी से ज्यादा खतरे वाला होता है। भीषण गर्म हवाओं और ज्यादा तापमान के चलते शरीर में पानी की कमी होने और तापमान बढ़ने का खतरा बना रहता है। इससे बीपी बढ़ने के साथ ही हार्ट अटैक होने और किडनी के सिकुड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो सकती है। तेज गर्म हवाओं के सीधे संपर्क में रहने से जान जा सकती है। भीषण गर्मी में खानपान के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। इसमें क्या खाना अौर कब खाना है यह महत्वपूर्ण है।
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अलर्ट पर है प्रशासन
जिला प्रशासन ने लू के चलते अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने और आपात स्थिति में बचाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम के साथ ही प्रत्येक तहसील व ब्लाक स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल अलर्ट करने की सुविधा है। वहीं अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। अस्पतालों में आपात स्थिति के लिए बेड सुरक्षित किए गए हें।
इसका रखें ध्यान
- कड़ी धूप में दोपहर में 12 से चार बजे के बीच घरों से बाहर न निकलें।
- जितनी बार हो सके पानी पीएं, प्यास न होने की स्थिति में भी पानी पीएं।
- हल्के रंग के ढीले सूती वस्त्रों का प्रयोग करें। धूप से बचाव के लिए टोपी-गमछा या छाता व चश्मा का प्रयोग करें।
- यात्रा करते समय अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें, उसका प्रयोग करते रहें।
- यदि दोपहर में बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर व चेहरे पर भीगे हुए कपड़े-गमछे को रख लें।
- यदि तबियत ठीक न लगे, चक्कर आएं और जी मिचलाने लगे तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
- अपने पालतू जानवरों को छांव में रखें। उनको दिन में तीन बार नहलाएं और चार बार पानी पिलाएं।
- दिन में अपने घर की खिड़की-दरवाजों पर पर्दें रखें और रात में उनको हटा दें।
- शराब, चाय व काफी आदि का प्रयोग करने से बचें।
लापरवाही हो सकती है जानलेवा
- खड़े वाहनों में बच्चों और पालतू जानवरों को न छोड़े।
- खाना बनाते समय रसोई के खिड़की दरवाजे बंद रखें।
- किसी भी प्रकार के नशीले व अल्कोहल का प्रयोग न करें।
- उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भरपूर मात्रा में करें।
- खिड़कियों पर गत्ता या सिल्वर फाल लगाकर सीधी हवा आने से रोकें।
- जिन खिड़की दरवाजों से दोपहर में सीधी गर्म हवा आती हो, उन पर पर्दे लगाएं।
- मौसम विभाग द्वारा दिए जाने वाले पूर्वानुमान के अनुसार अपनी दिनचर्या बनाएं।
- आपात स्थिति में बचाव के लिए प्राथमिक उपचार की गाइडलाइन का प्रशिक्षण लें।
- संतुलित व हल्के भोजन का प्रयाेग करें, खाली पेट न रहें।
मौसम लगातार गर्म बना हुआ है। इस सप्ताह मौसम में राहत मिलने का पूर्वानुमान है। उमस भरी इस गर्मी में बचाव करने की जरूरत है। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। घरों से बाहर दोपहर में न निकलें। गर्म हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचें और प्रशासन द्वारा दी गई गाइडलाइन का पालन करें। - डॉ. अशोक कुमार, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र
हम तेज गर्म हवाओं की स्थिति और आमजन पर होने वाले प्रभाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों को तेज धूप में घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। सिर पर गीला कपड़ा रखने से भी लू से बचाव होता है। - गजेंद्र सिंह, जिला आपदा अधिकारी
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