हापुड़ में कांवड़ यात्रा की हाई-टेक सुरक्षा,158 IP कैमरों से निगरानी करेंगे अफसर;1500 डिजिटल वालंटियर तैनात
हापुड़ में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को इस बार हाई-टेक बनाया गया है, जिसमें शासन की 'तीसरी आंख' आईपी कैमरों और डिजिटल स्वयंसेवकों के माध्यम से ...और पढ़ें

कैमरों से होगी कांवड़ यात्रा की निगरानी। फोटो: आर्काइव
HighLights
शासन की तीसरी आंख से आईपी कैमरों द्वारा निगरानी
800 से अधिक कैमरे, बॉडी वार्न कैमरे सुरक्षा बढ़ाएंगे
डिजिटल स्वयंसेवक सोशल मीडिया पर रखेंगे कड़ी नजर
केशव त्यागी, हापुड़। कांवड़ यात्रा इस बार सिर्फ पुलिस और प्रशासन की निगरानी में ही नहीं, बल्कि शासन की तीसरी आंख की सीधी नजर में भी होगी। सुरक्षा एजेंसियों से मिले अलर्ट और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंकाओं को देखते हुए प्रदेश शासन ने कांवड़ यात्रा की माॅनिटरिंग को पूरी तरह हाइटेक बनाने का निर्णय लिया है।
जिले के प्रमुख कांवड़ मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर लगाए जा रहे 158 इंटरनेट प्रोटोकाॅल (आईपी) कैमरों की लाइव फीड सीधे शासन, जोन और रेंज स्तर के अधिकारियों तक पहुंचेगी। अधिकारी अपने मोबाइल फोन या कंट्रोल रूम से किसी भी समय इन कैमरों के जरिए यात्रा की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।
कांवड़ यात्रा में पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जिलेभर में करीब 800 कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है।
यात्रा मार्गों पर पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ तकनीक आधारित निगरानी को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद पुलिस लगातार कांवड़ मार्गों, शिविरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सर्च अभियान चला रही है। संवेदनशील स्थानों का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे हर गतिविधि पर रीयल टाइम नजर रखी जा सके।
इंटरनेट मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी। थाना स्तर पर डिजिटल वालंटियर फोर्स का गठन किया गया है। जिले में करीब 1500 डिजिटल वालंटियर तैयार किए गए हैं, जो दो हजार से अधिक वाट्सएप ग्रुप, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर नजर रखेंगे।
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किसी भी भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री की सूचना तत्काल संबंधित थाना और कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए पुलिस ने अलग मानिटरिंग सेल भी गठित किया है, जो चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा।
159 आईपी कैमरों से सीधे जुड़े रहेंगे वरिष्ठ अधिकारी
ब्रजघाट गंगा घाट पर 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा पलवाड़ा कट, स्याना चौपला, पलवाड़ा तिराहा, सेहल चौराहा, बहादुरगढ़ थाना, नानपुर चौकी, डिबाई नगर पुल, ततारपुर बाइपास, बछलौता नहर पुल, टियाला अंडरपास, साइलो द्वितीय चौकी, जद्दीद चौकी, सोना पेट्रोल पंप, धौलाना कट, दतैड़ी, पबला तिराहा, निजामपुर बाइपास सहित प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों पर आईपी आधारित कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की लाइव फीड शासन, जोन और रेंज स्तर के अधिकारी भी अपने मोबाइल फोन से देख सकेंगे।
तीसरी आंख की निगरानी में रहेंगे 24 प्रमुख मंदिर
कांवड़ यात्रा के दौरान जिले के 24 प्रमुख मंदिरों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इनमें छह मंदिरों को अति संवेदनशील, तीन को महत्वपूर्ण और शेष को सामान्य श्रेणी में रखा गया है।
दहपा शिव मंदिर, पिलखुवा का चंडी मंदिर, सबली मंदिर, मंशा देवी मंदिर, हापुड़ का चंडी मंदिर, छपकौली शिव मंदिर, दत्तियाना शिव मंदिर, नक्का कुआं शिव मंदिर और कल्याणपुर शिव मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
सी-माउंट व बाॅडी वार्न कैमरे बढ़ाएंगे सुरक्षा का दायरा
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि सी-माउंट कैमरे लंबी दूरी तक स्पष्ट निगरानी करने में सक्षम होते हैं और संदिग्ध गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रिकाॅर्ड करते हैं। वहीं आईपी कैमरों की लाइव फुटेज इंटरनेट के माध्यम से कहीं से भी देखी जा सकती है।
इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बाॅडी वार्न कैमरों से लैस किया जाएगा। जीपीएस और जीपीआरएस तकनीक से जुड़े ये कैमरे सीधे कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेंगे और इनकी रिकाॅर्डिंग से छेड़छाड़ संभव नहीं होगी। इससे किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।