हापुड़ में खुले नाले दे रहे हादसों को न्योता, जिम्मेदारों की लापरवाही लोगों पर पड़ सकती है भारी
हापुड़ शहर की सड़कों पर खुले और टूटे नाले राहगीरों, बच्चों और वाहन चालकों के लिए बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं द ...और पढ़ें
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खुले नाले बने खतरा। जागरण
HighLights
हापुड़ में खुले नाले हादसों को दे रहे न्यौता।
राहगीरों, बच्चों और वाहन चालकों की जान जोखिम में।
नगर पालिका अधिकारी टेंडर प्रक्रिया का आश्वासन दे रहे।
संवाद सहयोगी, हापुड़। शहर की सड़कों में खुले पड़े नाले हर दिन किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
कई स्थानों पर नालों पर ढक्कन नहीं हैं, जबकि कहीं टूटे हुए स्लैब महीनों से बदहाल पड़े हैं। ऐसे में राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों की जान हर पल जोखिम में बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे रोड, फ्री गंज रोड, बुलंदशहर रोड समेत आदि स्थानों पर नाले खुले हैं। शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिम्मेदार जल्द ही समाधान का आश्वासन देते हैं। वर्षा के दौरान स्थिति ओर भी भयावह हो जाती है।
नालों में पानी भर जाने से यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां शुरू हो रहा है। हल्की सी चूक किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। शहर के कई इलाकों में लोग खुले नालों के कारण गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी स्थायी समाधान की ओर कोई गंभीर कदम उठाते नजर नहीं आ रहे।
यदि किसी मासूम बच्चे, बुजुर्ग या राहगीर के साथ कोई बड़ा हादसा होता है तो, उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? आखिर कब तक लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन रास्तों से गुजरने को मजबूर रहेंगे? नगर पालिका का दायित्व केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि नालों को ढकने के लिए टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। अधिकांश इलाकों में नालों को ढकने का कार्य किया गया है।