kanwar Yatra 2026: थके तो चिंता न करें... खाकी के जवान कांधे पर संभालेंगे कांवड़
हापुड़ पुलिस इस बार कांवड़ यात्रा में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ शिवभक्तों की कांवड़ को कंधा देकर उनकी मदद भी करेगी। इसके अतिरिक्त, 920 डिजिटल वालंटियर ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated
HighLights
पुलिसकर्मी जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों की कांवड़ उठाएंगे।
920 डिजिटल वालंटियर अफवाहों पर नजर रखेंगे, समन्वय बनाएंगे।
सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक भावनाओं का सम्मान।
केशव त्यागी, हापुड़। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में इस बार पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहेगी। भगवा वस्त्रों में बोल बम के जयकारे लगाते हुए जब शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगे, तब उनकी सुरक्षा में तैनात खाकी के जवान जरूरत पड़ने पर उनकी कांवड़ का भार भी अपने कांधे पर उठाते नजर आएंगे।
आस्था और सेवा का यह अनूठा संगम जिले में देखने को मिलेगा। दरअसल, कांवड़ यात्रा में शामिल अधिकांश शिवभक्त अपनी कांवड़ को जमीन पर नहीं रखते। यह उनकी धार्मिक मान्यता और वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है।
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कई बार लंबी दूरी तय करने के दौरान अकेले चल रहे कांवड़ियों को विश्राम या अन्य आवश्यक कार्य के लिए कुछ देर रुकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी चिंता कांवड़ को जमीन पर न रखने की होती है। इसी समस्या को देखते हुए पुलिस ने मानवीय पहल करते हुए फैसला लिया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लाखों शिवभक्त हापुड़ होकर गुजरेंगे। हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों के लिए जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्ग सबसे व्यस्त रहेंगे। ऐसे में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के साथ सेवा भाव को भी उतनी ही गंभीरता से लागू करेगी।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ियों के साथ पूरी संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार किया जाए। किसी श्रद्धालु को मार्गदर्शन, चिकित्सा सहायता, ट्रैफिक संबंधी मदद या कांवड़ संभालने जैसी किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो तो तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा देना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की यात्रा को सहज, सुरक्षित और सुखद बनाना भी है।
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920 डिजिटल वालंटियर भी बने पुलिस की ताकत
यात्रा के दौरान प्रत्येक पड़ाव, प्रमुख चौराहे और संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार कांवड़ियों के संपर्क में रहेंगे। यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है, कोई रास्ता भटक जाता है या किसी अन्य कारण से उसे सहायता चाहिए, तो पुलिस तत्काल मदद करेगी।
डिजिटल वालंटियर्स बनेंगे पुलिस की आंख-कान
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए हापुड़ पुलिस ने जिले में 920 डिजिटल वालंटियर्स का नेटवर्क तैयार किया है। यह वालंटियर्स पुलिस और समाज के बीच मजबूत कड़ी का काम करेंगे। इनमें शिक्षक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त सैनिक, वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि तथा धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं।
यात्रा के दौरान यह वालंटियर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नजर रखेंगे, कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं तत्काल पुलिस तक पहुंचाएंगे और किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में पुलिस और आमजन के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। आकस्मिक घटनाओं की सूचना तत्काल डायल-112 और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं के पास होगी।
थाना डिजिटल वालंटियर
- हापुड़ नगर 110
- बाबूगढ़ 105
- पिलखुवा 104
- धौलाना 80
- हाफिजपुर 185
- गढ़मुक्तेश्वर 115
- सिंभावली 80
- बहादुरगढ़ 75
- कपूरपुर 66
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों की हरसंभव मदद करें। यदि आवश्यकता होगी तो उनकी कांवड़ को भी अपने कांधे पर उठाकर सहयोग करेंगे।
- कुंवर ज्ञानंजय सिंह, पुलिस अधीक्षक