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    Fake Degree मामले में मोनाड यूनिवर्सिटी का बड़ा आरोप, कहा- संत कबीरनगर से बेची गई फर्जी डिग्री

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 01:27 PM (IST)

    फर्जी डिग्री बेचने के आरोपों का सामना कर रही मोनाड यूनिवर्सिटी ने संत कबीरनगर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड पॉलिटेक्निक पर अपने नाम से फर्जी डिग्री ...और पढ़ें

    मोनाड यूनिवर्सिटी। जागरण

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    जागरण संवाददाता, हापुड़। फर्जी डिग्री और मार्कशीट की बिक्री करने के आरोपों का सामना कर रही मोनाड यूनिवर्सिटी के प्रबंधन ने खुद को पाक-साफ करने का प्रयास किया है।

    यूनिवर्सिटी के प्रबंधन का आरोप है कि उनके नाम से संत कबीरनगर जिले का इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड पॉलिटेक्निक फर्जी डिग्री-मार्कशीट की बिक्री कर रहा था। न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मैनेजर और कर्मचारियों सहित पांच लोगों को नामजद कराया गया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय पर दर्ज कराई गई है, जबकि मोनार्ड यूनिवर्सिटी खुद फर्जी डिग्री बनाने-बेचने के आरोपों का सामना कर रही है। इसमें मामले में यूनिवर्सिटी के मालिक सहित अन्य कर्मचारी हाल ही में जमानत पर रिहा हुए हैं।

    मोनाड विश्वविद्यालय के वेरीफिकेशन अधिकारी अश्वनी यादव ने बताया कि संत कबीनगर के मगधर के रहने वाले आलोक कुमार विश्वविद्यालय में आए। उन्होंने अपनी डिप्लोमा इलेक्ट्रीकल की मार्कशीट दिखाई। इसका सत्यापन करने पर पता चला कि यह फर्जी है।

    वहीं, जांच में पाया गया कि उक्त आलोक कुमार द्वारा न तो विद्यालय में फीस जमा कराई गई है और न ही उनके द्वारा परीक्षा दी गई है। उनकी मार्कशीट और डिग्री की जांच कराने पर पता चला कि वह डिग्री और मार्कशीट फर्जी हैं।

    आलोक ने बताया कि वह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड पॉलिटेक्निक मगधर संतकबीरनगर में मैनेजर जनार्दन मिश्रा से मिला था। जनार्दन मिश्रा का दावा था कि उनकी संस्था का संबंध लखनऊ बीटीई से है और मान्यता प्राप्त है।

    कुमार ने बताया कि उसने सम्पूर्ण कोर्स की फीस समय समय पर जमा करता रहा है। डिप्लोमा पूरा करने के बाद उक्त इंस्टीट्यूट द्वारा मोनार्ड विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट व डिग्री दे दी गईं। उन्होंने बताया कि हमारी संस्था मोनाड यूनिवर्सिटी की डिग्री देती है, यह असली है और कोई परेशानी नहीं है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आलोक कुमार, नीलकमल मिश्रा, मनीष गर्ग व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    मोनाड विश्वविद्यालय पर पिछले दिनों एसटीएफ ने छापामारी की थी। यहां पर हजारों फर्जी डिग्री-मार्कशीट पकड़ी गई थीं। इस मामले में यूनिवर्सिटी के मालिक बिजेंद्र हुड्डा सहित 12 लोगों को जेल भेजा गया था।

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    इस मामले में मालिक सहित कई लोग जमानत पर बाहर आ गए हैं। उसके बाद एसटीएफ ने पिछले सप्ताह दोबारा से छापामारी की है। वहीं इस मामले में शासन से भी जांच चल रही है। अब यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने फर्जी डिग्री बनाने-बेचने का आरोप एक अन्य यूनिवर्सिटी पर लगाया है। पुलिस के साथ ही एसटीएफ ने भी इस मामले को अपनी जांच में शामिल करने की तैयारी आरंभ कर दी है।

     

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