हरदोई का कुसुमखोर घाट हादसा: दो युवकों के गंगा में डूबने के बाद जागा प्रशासन, कराया बैरिकेडिंग का काम
सावन के पहले सोमवार को कुसुमखोर घाट पर गंगा में डूबे दो युवकों की तलाश जारी है। प्रशासन ने घाट पर अस्थायी बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ाई और गहरे पानी में ...और पढ़ें

HighLights
सावन के पहले सोमवार को दो युवक गंगा में डूबे।
प्रशासन ने कुसुमखोर घाट पर अस्थायी बैरिकेडिंग की।
एसडीआरएफ टीम डूबे युवकों की तलाश में जुटी।
संवाद सूत्र, हरदोई। सावन के पहले सोमवार को कुसुमखोर घाट पर दो युवक गंगा में डूब गए थे। हालांकि पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे,जरा सी चूक के कारण घटना हो गई।
हादसे के 24 घंटे बाद जागे प्रशासन ने कुसुमखोर गंगा घाट पर बांस-रस्सी से अस्थायी बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा तैयार किया है, वहीं लाउडस्पीकर से पुलिसकर्मी अनाउंस कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए चेतावनी दे रहे हैं।
अरवल के ग्राम चौंसार के ऋषि और नारद पहले सोमवार को कुसुमखोर घाट पर गंगा स्नान करते समय डूब गए थे। घटना के बाद से पुलिस और प्रशासन की टीम गंगा किनारे मुस्तैद है। दोनों की तलाश के लिए सघन सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है।
एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद दिखी
मंगलवार सुबह से ही कुसुमखोर गंगा घाट पर अरवल थाना पुलिस के साथ बिलग्राम से पहुंची एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद दिखी। एसडीआरएफ टीम के उप-निरीक्षक नितेश कुमार के नेतृत्व में जवान मोटर बोट के माध्यम से नदी के कोने-कोने में सर्च अभियान चलाते रहे। हालांकि, गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा होने और जलधारा का बहाव बेहद तेज होने की वजह से अभी तक डूबे युवकों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
घाट पर मौजूद मृतकों के परिवारीजन की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को हुई इस घटना का संज्ञान लेते हुए उप-जिलाधिकारी सवायजपुर, अंकित तिवारी ने गंगा घाटों पर त्वरित सुरक्षा घेराबंदी कराई है। नायब तहसीलदार राजेश पटेल और क्षेत्रीय लेखपाल रामलाल राना की मौजूदगी में घाट पर जलधारा के ठीक पहले बांस के सहारे रस्सियां बांधकर बैरिकेडिंग कराई गई, ताकि कोई भी श्रद्धालु गलती से भी गहराई की तरफ न जा सके।
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इसके अलावा घाट पर श्रद्धालुओं और अंतिम संस्कार में शामिल होने आ रहे लोगों को जागरूक करने के लिए अरवल पुलिस की तरफ से लाउडस्पीकर के जरिए लगातार अनाउंसमेंट करके लोगों को बताया जा रहा है कि नदी का बहाव काफी तेज है और वे सिर्फ बैरिकेडिंग के अंदर सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें।