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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pulses Price Hike: त्योहारी सीजन के साथ महंगाई ने दी दस्तक, दाल मसाले सब हुए महंगे

    By upendra kumar agnihotriEdited By: Siddharth Chaurasiya
    Updated: Wed, 11 Oct 2023 06:20 PM (IST)

    आमजन नवरात्र त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं लेकिन उससे पहले रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। आटा तेल और रिफाइंड को छोड़ दें तो रसोई से जुड़ी हर सामग्री ...और पढ़ें

    आमजन नवरात्र त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन उससे पहले रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।
    आमजन नवरात्र त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन उससे पहले रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।

    जागरण संवाददाता, हरदोई। आमजन नवरात्र त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन उससे पहले रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। आटा, तेल और रिफाइंड को छोड़ दें, तो रसोई से जुड़ी हर सामग्री महंगाई की चपेट में है। अरहर, मूंग समेत सभी दालों के दाम बढ़े हुए हैं। जीरा सात सौ रुपये किलो है, जबकि लाल मिर्च, हल्दी और गरम मसालों पर भी महंगाई की मार पड़ी है।

    40 रुपये किलो बिकने वाली चीनी 44 रुपये किलो बिक रही है। मसाले की कीमतों में बढ़ोत्तरी से आमजन की जेब पर असर पड़ा है। दालों के दाम बढ़ने से गरीब और रोजमर्रा कमाने खाने वालों की थाली से दाल गायब होने लगी है। सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी अरहर व मूंग दाल में हुई है। इससे शरीर को मिलने वाला पोषण भी प्रभावित होने लगा है।

    क्या बोलीं गृहणियां?

    इस महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो गया है। दालों के दाम पहले से ही चढ़े थे, अब तो मसाले भी महंगे हो गए हैं। इसका असर आमजन पर पड़ा है। - वंदना गुप्ता

    दालें शरीर को प्रोटीन देती हैं। इनकी सबसे अधिक जरूरत बच्चों को हैं, लेकिन सभी दालें महंगी हैं। रोज कमाने खालों के लिए खर्च चलना मुश्किल है। उनकी थाली से दाल गायब होती जा रही है। - ऊषा शर्मा

    आटा, सरसों का तेल और रिफाइंड के बाजार भाव में कमी आने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन दालों व मसालों के भाव बढ़ने से समस्या हो रही है। - स्नेशा

    महंगाई के चलते रसाेई का बजट पूरी तरह से बिगड़ा हुआ है। दालों के अलावा मसालों पर महंगाई की मार है।सरकार को दालों की कालाबाजारी को रोकने का प्रयास करना चाहिए। - आकांक्षा

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    खाद्य सामग्री : बाजार भाव

    • अरहर दाल : 160 रुपये किलो
    • उर्द दाल : 90 रुपये किलो
    • मूंग छिलका : 110 रुपये किलो
    • मूंग बिना छिलका : 115 किलो
    • चना दाल : 85 रुपये किलो
    • मसूर खड़ा : 85 रुपये किलो
    • मसूर दाल : 85 रुपये किलो
    • मटर दाल 70 रुपये किलो
    • छोला : 175 रुपये प्रति किलो
    • हल्दी : 160 रुपये किलो
    • लौंग : 1200 रुपये किलो
    • काली मिर्च : 800 रुपये किलो
    • चीनी : 44 रुपये किलो
    • बेसन : 90 रुपये किलो
    • लाल मिर्च 360 रुपये किलो
    • जीरा : 700 रुपये प्रति किलो

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