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    'राहुल-अखिलेश पहले से रिजेक्ट, अब भाजपा को भी ठुकराया', हरदोई में बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 08:53 PM (IST)

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हरदोई में राहुल-अखिलेश के बाद अब भाजपा को भी ठुकराने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनका समर्थन किसी दल को स्वतः नह ...और पढ़ें

    जिले में आयोजित कार्यक्रम में बोलते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती।

    जिले में आयोजित कार्यक्रम में बोलते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती।

    HighLights

    1. राहुल-अखिलेश को पहले ही ठुकराया, अब भाजपा को भी नकारा।

    2. गोविष्ठि यात्रा का उद्देश्य गोमाता की रक्षा हेतु जनजागरण।

    3. किसी भी दल को समर्थन नहीं, आचरण बदलने पर ही विचार।

    जागरण संवाददाता, हरदोई। गोविष्ठि यात्रा के तहत जनजागरण अभियान चला रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को हरदोई में भाजपा और विपक्षी दलों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दल पहले से ही उनके द्वारा रिजेक्ट किए जा चुके हैं।

    भाजपा को उन्होंने पहले अपनाया था, लेकिन अब उसे भी ठुकराने का फैसला कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि पहले जिन दलों को अस्वीकार किया गया था, उन्हें अब समर्थन मिल जाएगा।

    गांधी भवन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल शुद्ध हिंदुओं और गोभक्तों का समर्थन चाहता है तो उसे अपने आचरण और नीतियों में बदलाव लाना होगा। उनका समर्थन किसी भी दल को स्वतः नहीं मिलेगा, बल्कि उसके कार्य और व्यवहार के आधार पर ही तय होगा। इंटरनेट मीडिया पर समाजवादी पार्टी को जिताने के लिए सुपारी लेने के आरोपों को उन्होंने भाजपा का दुष्प्रचार बताया।

    उन्होंने भाजपा आईटी सेल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक कोई व्यक्ति सत्ता के पक्ष में बोलता है, तब तक उसे धर्माचार्य माना जाता है, लेकिन सच बोलने पर उसके खिलाफ अभियान चलाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब ऐसे प्रचार को समझ चुकी है।

    वहीं इससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद ने कार्यक्रम में कहा कि उनकी गोविष्ठि यात्रा का उद्देश्य गोमाता की रक्षा के लिए जनजागरण करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया गया। उन्होंने गंगा सफाई अभियान, राम मंदिर ट्रस्ट के गठन, मंदिरों की व्यवस्था और गो-संरक्षण के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।

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    उनका आरोप था कि गंगा सफाई पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और राम मंदिर ट्रस्ट के गठन में धार्मिक परंपराओं की अनदेखी की गई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे, हालांकि उन्होंने ने किसी भी दल के समर्थन की घोषणा नहीं की। कहा कि उनका उद्देश्य केवल सनातन धर्म, गोमाता की रक्षा और जनजागरण है, न कि किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध।

    नेताओं पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप, पद्मराग सिंह यादव ''पम्मू'', सपा नेता अखिलेश पाठक, समाजसेवी कमेलश पाठक, जितेंद्र वर्मा ''जीतू'', कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय और प्रदेश महासचिव सुभाष पाल सहित दोनों दलों के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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