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    UP पंचायत मतदाता सूची में हर मतदाता का होगा यूनिक स्टेट वोटर नंबर, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाया गया कदम

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 08:51 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान रोकने के लिए प्रत्येक मतदाता को नौ अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित क ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. फर्जी मतदान रोकने को मिलेगा नौ अंकों का एसवीएन।

    2. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हटाने का अभियान जारी।

    3. उत्तर प्रदेश देश में यह व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य।

    पंकज मिश्र, हरदोई। पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान, एक व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज होने और मतदान के दौरान होने वाले विवादों की समस्या को समाप्त करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब पंचायत मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक मतदाता को एक यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया जाएगा।

    यह नौ अंकों का विशेष पहचान नंबर होगा, जो न केवल मतदाता की व्यक्तिगत पहचान सुनिश्चित करेगा, बल्कि उसके ब्लाक और गांव से भी उसे जोड़कर रखेगा। विधान सभा चुनाव के इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (ईपीआईसी यानी कि इपिक) की तरह एसवीएन की भी अपनी अलग पहचान होगी।

    मतदाता सूची के लिए दिसंबर में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इसके बाद ब्लाक स्तर पर समान नाम, पिता का नाम और पते के आधार पर संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई।

    आगे जिला स्तर पर भी जांच कराई गई, जिसमें हरदोई जिले में 3,14,362 सहित पूरे प्रदेश में 1,26,59,320 संभावित संदिग्ध मतदाता चिन्हित हुए। अब इनका पुनः सत्यापन 22 अप्रैल से शुरू होकर 28 मई तक चलेगा। इसके बाद संशोधित और शुद्ध मतदाता सूची 10 जून को प्रकाशित की जाएगी। एसवीएन व्यवस्था इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है।

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    यह नंबर प्रत्येक मतदाता को जीवन में केवल एक बार दिया जाएगा और यदि किसी कारणवश उसका नाम सूची से हट जाता है, तो वह नंबर भी समाप्त हो जाएगा तथा दोबारा किसी अन्य को नहीं दिया जाएगा। इससे फर्जी मतदाता जोड़ने या एक व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम होने की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

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    सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अभय श्रीवास्तव के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने इसके लिए विशेष साफ्टवेयर विकसित किया है, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश के हर मतदाता को एसवीएन जारी किया जाएगा। यह प्रणाली पंचायत चुनावों में पारदर्शिता, सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद मतदाता सूची में नाम खोजने और पहचान करने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी। इससे न केवल चुनावी विवादों में कमी आएगी, बल्कि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम और निष्पक्ष बन सकेगी। खास बात यह है कि इस तरह की व्यवस्था अभी तक देश में कहीं लागू नहीं हुई है, जिससे उत्तर प्रदेश इस पहल में अग्रणी बन गया है।