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    फर्जी पहचान से UP TET परीक्ष देने पहुंचा युवक गिरफ्तार, बायोमैट्रिक जांच में खुला राज

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 06:55 PM (IST)

    हरदोई में यूपी-टीईटी परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान एक युवक फर्जी पहचान और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा द ...और पढ़ें

    पुलिस हिरासत में आरोपित अमित कुमार।

    पुलिस हिरासत में आरोपित अमित कुमार।

    HighLights

    1. हरदोई में यूपी-टीईटी परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा।

    2. बायोमेट्रिक सत्यापन में फर्जी पहचान वाला अभ्यर्थी पकड़ा गया।

    3. आयु सीमा लाभ हेतु जन्मतिथि बदलकर दो बार हाईस्कूल किया।

    जागरण संवाददाता, हरदोई। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2026 में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया। परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध मिलने पर जांच की गई तो पता चला कि उसने कथित तौर पर नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि बदलकर नए दस्तावेज तैयार कराए थे। अपर जिलाधिकारी ने केंद्र पर पहुंचकर पूरी जानकारी ली। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है।

    टीईटी की पहली पाली में शनिवार को आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज परीक्षा केंद्र पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी का भंडाफोड़ हो गया। बायोमैट्रिक केवाईसी के दौरान पहचान का सत्यापन नहीं होने पर उसके दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं।

    केंद्र व्यवस्थापिका एवं प्रधानाचार्या मंजू तिवारी की तहरीर के अनुसार, आरोपित कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के बखारी गांव का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि उसका पहला नाम अमित कुमार यादव पुत्र कमलेश यादव था। उसने मेरठ से हाईस्कूल परीक्षा पास की थी, जिसमें जन्मतिथि 15 जून 1995 दर्ज थी।

    आरोप है कि बाद में उसने जन्मतिथि बदलकर 4 अप्रैल 2002 करा ली। इसके साथ ही नाम बदलकर आकाश कुमार यादव और पिता का नाम कैलाश चंद्र यादव दर्ज कराते हुए कन्नौज से दोबारा हाईस्कूल परीक्षा पास की। अधिकारियों को उस समय संदेह हुआ जब दोनों अलग-अलग नामों से बने आधार कार्ड में पता एक ही मिला।

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    परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक सत्यापन असफल होने के बाद सुरक्षा एजेंसी ने दस्तावेजों की गहन जांच की। इसमें नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि में अंतर मिलने पर मामला संदिग्ध हो गया। इसके बाद केंद्र प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह पुलिस भर्ती में शामिल होना चाहता था। उम्र सीमा का लाभ लेने के लिए उसने कथित तौर पर जन्मतिथि बदलकर दोबारा हाईस्कूल किया। उसने यह भी स्वीकार किया कि बदले हुए दस्तावेजों के आधार पर वह पहले पुलिस भर्ती, होमगार्ड भर्ती और अब यूपी-टीईटी परीक्षा में शामिल हो चुका है।

    केंद्र व्यवस्थापिका ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी तहरीर के साथ परीक्षा सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट भी पुलिस को सौंप दी है।एडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

    जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नाम, जन्मतिथि और पिता के नाम में बदलाव किस प्रक्रिया से कराया गया, इसके लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और इस पूरे फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।

    जन्मतिथि घटाने को दो बार पास किया हाईस्कूल

    बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान कन्नौज के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के बखारी गांव निवासी अमित कुमार यादव पुत्र कमलेश चंद्र यादव का विवरण रिकार्ड से मेल नहीं खाया। जांच में पता चला कि उसने हाईस्कूल की परीक्षा दो बार पास की थी और दोनों प्रमाणपत्रों में उसका नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी।

    पूछताछ में अभ्यर्थी ने स्वीकार किया कि उसने प्रतियोगी परीक्षाओं में आयु सीमा का लाभ लेने के लिए जन्मतिथि कम कराने के उद्देश्य से दोबारा हाईस्कूल किया था। बदले हुए शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर वह यूपी-टीईटी परीक्षा में शामिल होने पहुंचा था।

    मामले का खुलासा होने के बाद केंद्र व्यवस्थापक ने जिला प्रशासन को सूचना देते हुए आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली शहर, हरदोई पुलिस को तहरीर भेज दी है।

    पुलिस अब यह जांच कर रही है कि शैक्षणिक अभिलेखों में बदलाव किस प्रक्रिया से कराया गया और क्या इस फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भी भूमिका है।

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