5 और 10 के 700 किलोग्राम सिक्के, हाथरस के स्टेशनरी कारोबारी के यहां छापा; 25 लाख रुपये की रेजगारी कर रखी थी जमा
हाथरस में एक स्टेशनरी कारोबारी के घर और प्रतिष्ठान पर छापेमारी में 700 किलोग्राम वजन के सिक्के बरामद हुए हैं। इनमें 5, 10 और नए 20 रुपये के सिक्के शाम ...और पढ़ें

हाथरस में स्टेशनरी कारोबारी के गोदाम से बरामद सिक्कों से भरे बोरे।
HighLights
- 20 से 25 लाख रुपये कीमत के बरामद किए गए सिक्के
-दिल्ली के खारी बावली बाजार में खपाने की आशंका
जागरण संवाददाता, हाथरस। शहर में लंबे समय से चल रहे सिक्कों के अवैध कारोबार का शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने स्टेशनरी कारोबारी के घर और दुकान पर छापेमारी कर करीब 700 किलोग्राम सिक्के बरामद किए हैं। बरामद सिक्कों की संख्या इतनी अधिक है कि उन्हें 100 कट्टों में भरकर रखा गया था। प्रशासन ने सिक्कों को कब्जे में लेकर गिनती शुरू करा दी है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, बरामद सिक्कों की कीमत 20 से 25 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। एसडीएम सदर राजबहादुर के नेतृत्व में शनिवार शाम करीब चार बजे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने नयागंज स्थित स्टेशनरी कारोबारी नवीन कुमार की दुकान और हनुमान गली स्थित आवास पर एक साथ कार्रवाई की। करीब एक घंटे तक चली छापेमारी में घर से 90 कट्टे और दुकान से 10 कट्टे सिक्के बरामद हुए।
प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक कट्टे का वजन करीब 60 से 70 किलो है। इनमें पांच और 10 रुपये के सिक्कों की संख्या सबसे अधिक है। व्यापारियों के अनुसार, पुराने पांच रुपये के पीतल मिश्रित सिक्कों में इस्तेमाल धातु की बाजार में अधिक मांग है। इसी कारण कुछ लोग सिक्कों को मुद्रा के बजाय धातु के रूप में खरीद-फरोख्त करने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि पांच रुपये के सिक्के सात रुपये तक की कीमत में खरीदे और बेचे जा रहे थे। इसी लालच में बड़ी मात्रा में सिक्कों का संग्रह किया जा रहा था। एसडीएम सदर ने बताया कि बरामद सिक्कों की गिनती कराई जा रही है।
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जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के कहां से एकत्र किए गए और उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार हेमंत चौधरी, शिव कुमार, सदर कोतवाली पुलिस आदि मौजूद रहे।
15 प्रतिशत कम कीमत पर खरीदकर दिल्ली में बेचने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कारोबारी बाजार से बड़ी मात्रा में सिक्के एकत्र करते थे। बताया जा रहा है कि सिक्कों को उनकी वास्तविक कीमत से करीब 15 प्रतिशत कम दाम पर खरीदा जाता था। इसके बाद इन्हें दिल्ली के खारी बावली बाजार और अन्य व्यापारियों को अधिक कीमत पर बेचा जाता था। प्रशासन को आशंका है कि इस कारोबार के पीछे बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
जांच की जा रही है कि कहीं सिक्कों को गलाकर धातु निकालने या किसी अन्य अवैध गतिविधि में तो इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। पुलिस और प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं।
एसडीएम सदर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के किस स्रोत से आए। उन्होंने कहा कि बरामद सिक्कों की गिनती और जांच पूरी होने के बाद आरबीआई अधिनियम समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
यह हो सकती है कार्रवाई
सिक्कों को गलाना, उनकी धातु निकालना या अवैध तरीके से कारोबार करना कानून के दायरे में आता है। यदि जांच में जमाखोरी, धातु के रूप में बिक्री या किसी अन्य अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है तो आरबीआई अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। इसमें सात साल की सजा का प्रविधान है। इतनी अवधि सजा के प्रविधान वाली धाराओं में गिरफ्तारी नहीं होती। मगर, मामला अदालत में चलता है।
एक हजार रुपये तक सिक्के रखने का है नियम
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार सिक्के वैध मुद्रा है। बैंक ग्राहकों से सिक्के स्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं और खाताधारक अपने बैंक खाते में सिक्के जमा कर सकते हैं। हालांकि, बहुत अधिक मात्रा में सिक्के जमा करने पर बैंक उनकी गिनती और स्रोत से संबंधित जानकारी ले सकते हैं।
नियमों के अनुसार, एक रुपये और उससे अधिक मूल्य के सिक्के एक हजार रुपये तक के लेनदेन के लिए वैध मुद्रा के रूप में स्वीकार किए जा सकते हैं। बड़ी मात्रा में सिक्कों का संग्रह अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन यदि जांच में यह सामने आता है कि सिक्कों का उपयोग अवैध गतिविधि, जमाखोरी, धातु निकालने या किसी अन्य गैरकानूनी उद्देश्य के लिए किया जा रहा है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
शहर के नयागंज और हनुमान गली में एक कारोबारी के घर व प्रतिष्ठान से करीब सात क्विंटल सिक्के बरामद हुए हैं। उनकी गिनती कराई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि सिक्के कहां से लाए गए और उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था। जांच के बाद आरबीआई अधिनियम सहित अन्य धाराओं में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राजबहादुर, एसडीएम सदर, हाथरस