हाथरस: कुत्ते के काटने के 3 महीने बाद बुजुर्ग की मौत, पानी देखकर हुई थी घबराहट; रेबीज के लक्षणों से मृत्यु
हाथरस के कुरसंडा गांव में कुत्ते के काटने के तीन महीने बाद 65 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर चंद्रपाल सिंह की रेबीज के लक्षणों के साथ मृत्यु हो गई। ...और पढ़ें

सादाबाद क्षेत्र के गांव छावा में विलाप करते चंद्रपाल सिंह के स्वजन।
HighLights
हाथरस में 65 वर्षीय बुजुर्ग की कुत्ते के काटने से मौत।
तीन महीने पहले कुत्ते ने काटा था, रेबीज के लक्षण दिखे।
पानी से घबराहट हुई, पूरी वैक्सीन न लेने से खतरा बढ़ा।
जागरण संवाददाता, हाथरस। सादाबाद क्षेत्र के कुरसंडा गांव में कुत्ते के काटने के तीन महीने बाद 65 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर की मृत्यु हो गई। स्वजन का मानना है कि मौत रेबीज के कारण हुई है। कुत्ता काटने पर डॉक्टर ने वैक्सीन और आरआईजी लगवाने की सलाह दी है।
कुरसंडा निवासी चंद्रपाल सिंह आगरा की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। करीब तीन महीने पहले गांव में एक कुत्ते ने उन्हें काट लिया था। इसके बाद स्वजन उन्हें सीएचसी सादाबाद ले गए थे, जहां चिकित्सक की सलाह पर उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन की तीन डोज लगवाई गई थीं।
सुबह शौच के लिए गए थे, पानी देखकर हुई घबराहट
स्वजन के अनुसार सोमवार सुबह चंद्रपाल सिंह खेत पर शौच के लिए गए थे। वहां अचानक पानी देखकर उन्हें तेज घबराहट और भय महसूस हुआ। घर आकर उन्होंने इसकी जानकारी दी। हालत बिगड़ने पर स्वजन उन्हें आगरा के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। स्थिति गंभीर देख चिकित्सक ने वापस भेज दिया।
उन्हें दोबारा सीएचसी सादाबाद लाया गया, जहां एक और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन देर रात घर पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
यह भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा में अव्यवस्था पर इगलास इंस्पेक्टर निलंबित, पांच पुलिस अधिकारियों का तबादला; अलीगढ़ SSP की कार्रवाई
सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने बताया कि रेबीज से बचाव के लिए काटने के बाद पूरी वैक्सीन और जरूरत पर आरआईजी लगवाना जरूरी है। घाव को साबुन-पानी से धोकर तुरंत इलाज कराना चाहिए।
यह भी पढ़ें- यूपी में भाजपा की नई रणनीति: सपा से ज्यादा कांग्रेस पर हमलावर, तिरंगा यात्रा से रविदास जयंती तक निशाने पर 'हाथ'