धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर भगवान कुबेर करेंगे धनवर्षा, धन्वंतरि देंगे आशीर्वाद, पूजा के लिए ढाई घंटे का समय
दीपावली से पूर्व धनतेरस पर भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से ...और पढ़ें

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HighLights
धनतेरस पर कुबेर और धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व।
पूजा के लिए शाम 5:30 से 8 बजे तक ढाई घंटे का शुभ मुहूर्त।
विधि-विधान से पूजा करने पर घर में आती है खुशहाली।
जागरण संवाददाता, हाथरस। दीपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस दिन शुभ मुहूर्त में विधि विधान के साथ की गई पूजा धनवर्षा के साथ परिवार में खुशहाली लाती है। इस दिन भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। नये बर्तन व आभूषण खरीदने का भी विशेष महत्व है।
धनतेरस का पर्व धन, सुख-समृद्धि और आरोग्य का संदेश देता है। हिंदुओं में इस पर्व का विशेष महत्व है। यह हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इसका इंतजार पूरे साल रहता है।
धन कुबेर भगवान की पूजा विधि विधान से करने पर फलदायी होती है। इस दिन कुबेर देव और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से कुबेर देव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। वहीं दूसरी ओर भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है।
ऐसे करें पूजा, धन के साथ आएगी खुशहाली
धनतेरस पर विधिविधान के साथ पूजा अर्चना करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि प्रदोषकाल छह नवंबर की शाम पांच बजकर 30 मिनट से लेकर रात में आठ बजे तक रहेगा। इस तरह ढाई घंटे तक पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त मिलेगा। इसमें बर्तन, पूजा तिजोरी, गल्ला, सोने चांदी, व उससे बने आभूषणों की करते हैं। पूजा साबुत सूखा धनिया प्रयोग करना चाहिए। शाम को घर के बाहर, चौराहे, तिराहे अन्य स्थानों पर दीपक जलाना शुभ होता है।
बोले ज्योतिषाचार्य
दीपावली से पर्व धनतेरस पर्व का विशेष महत्व है। प्रदोष काल में इसे मनाना अत्यंत शुभकारी रहेगा। इसके लिए विधिविधान से पूजा करने से घर में धन धान्य के साथ खुशहाली आती है।
-पं. उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य
नई वस्तु घर में लाना शुभकारी
दीपावली महोत्सव में हर पर्व का अपना अलग ही महत्व होता है, इनमें धनतेरस भी शामिल है। इस दिन बर्तनों के साथ सोने चांदी की खरीदारी अधिक होती है। नई वस्तु घर में लाना शुभकारी माना जाता है।
-आचार्य पंकज मिश्रा शास्त्री
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