यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hathras Stampede Case: हाथरस हादसे के बाद सत्संग में टैंट लगाने वाले ठेकेदार ने लगाए गंभीर आरोप
Hathras Stampede Update News हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 की मौत हुई थी। सत्संग के आयोजन में बदायूं के टैंट ठेकेदार राजकपूर ने बताया कि उ ...और पढ़ें

HighLights
- बारिश में भीगता रहा तंबू-डेरा, पांचवे दिन मिली समेटने की इजाजत
- बदायूं के टैंट ठेकेदार ने लगाया था सत्संग में टैंट, रुकने की थी व्यवस्था
- रातों-रात लाखों का टैंट का सामान चुरा ले गए चोर, ठेकेदार का गंभीर आरोप
जागरण संवाददाता, हाथरस। Hathras Stampede Case: सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में हुए सत्संग में बदायूं से टैंट-तंबू की व्यवस्था की गई थी। मगर अधिकारियों ने भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की मौत के बाद टैंट को उखाड़ने से दूसरे दिन रोक दिया गया। पांचवे दिन जब टैंट को समेटने ठेकेदार और उनका स्टाफ गया तो वहां से लाखों का सामान चोरी हो चुका था।
सूरजपाल उर्फ विश्व साकार हरि के सत्संग का आयोजन फुलरई में किया गया। करीब 80 हजार की क्षमता का टैंट हाईवे किनारे लगाया गया था, मगर श्रद्धालुओं की संख्या 80 हजार से भी अधिक हो गई इस कारण हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को दलदल बने खेत में ही बैठना पड़ा था।
121 की मौतों ने सभी को झकझोरा
सत्संग के बाद लौटती भीड़ में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया और दिल्ली से लखनऊ तक पूरा तंत्र हिल गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दूसरे दिन हाथरस आना पड़ा और पूरे हालात की जानकारी लेने के बाद वह मीडिया से रूबरू हुए।
अमूमन किसी भी आयोजन में कोई टैंट पंडाल आदि लगता है तो उसको कार्यक्रम होते ही उखाड़ना शुरू कर दिया जाता है मगर सत्संग बाद हुए हादसे के बाद उखाड़ने से रोक दिया गया। इस कारण टैंट चार दिन तक न सिर्फ बारिश में भीगता रहा बल्कि एक लाख रुपये का सामान भी चोरी हो गया। ये आरोप बदायूं के बिल्सी क्षेत्र के गांव मुसिया नगला लुभारी टैंट ठेकेदार राजकपूर ने लगाया है।
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5.40 लाख में तय हुआ था टैंट लगाना
ठेकेदार राजकूपर के मुताबिक सत्संग के मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर से 5.40 लाख रुपये में लगाना तय हुआ था जिसमें करीब तीन लाख 40 हजार रुपये बतौर एडवांस मिल गया था और अभी दो लाख का भुगतान होना बाकी है। पंडाल के अलावा करीब 500 लोगों के विश्राम को अलग से टैंट लगाया गया था।
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आईजी ने रुकवा दिया दूसरे टैंट समेटना
ठेकेदार ने बताया कि किसी भी कार्यक्रम के होने के बाद ही टैंट का समेटना शुरू हो जाता है। मगर हादसा होने के बाद सही डरे सहमे थे। दूसरे दिन मौके पर आए आईजी समेटते तंबू को समेटने से रोक दिया। शनिवार की सुबह इजाजत के जब मौके पर टैंट समेटना शुरू किया तो देखा कि करीब एक लाख रुपये का माल चोर ले गए।