हाथरस में तूफान की तबाही, आंधी-बारिश ने बिजली पर कहर ढहाया, तापमान गिरने से लोगों ने ली राहत की सांस
हाथरस में गुरुवार शाम से शुक्रवार तक चली आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित हुई और फसलों को नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं ...और पढ़ें

हाथरस में शुक्रवार शाम आई तेज आंधी में झूलते पेड़ और बारिश के बाद जलभराव।
HighLights
तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति बाधित, फसलें क्षतिग्रस्त हुईं।
राजमार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।
जागरण संवाददाता, हाथरस। गुरुवार देर रात के बाद शुक्रवार शाम को आई आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी से तो राहत दे दी मगर बदले मौसम ने बिजली पर खूब कहर ढाया। तेज हवा और बारिश के चलते जिले के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था। एक ही दिन में अधिकतम तापमान में 5.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से मौसम सुहाना हो गया।
हालांकि सुबह धूप निकलते ही उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। गुरुवार शाम से शुक्रवार देर तक जिले में कई बार तेज आंधी और बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार हवा की गति करीब 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई। रातभर चली तेज हवा और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ वज्रपात से लोग सहमे रहे।
शहर के बाजारों में दुकानदारों के टिनशेड और तिरपाल उड़ गए। कई दुकानदारों को सामान समेटकर समय से पहले प्रतिष्ठान बंद करने पड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दिया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश और तेज हवाओं से खरबूज, तरबूज तथा हरी सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
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खेतों में पानी भरने और तेज हवा के कारण बेल वाली फसलें प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सादाबाद में आंधी से गिरा पेड़, राजमार्ग पर लगा जाम
गुरुवार रात आई तेज आंधी का असर शुक्रवार दोपहर तक दिखाई दिया। हाथरस-अलीगढ़ राजमार्ग पर अचानक एक पेड़ टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन पेड़ की चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पेड़ गिरने से राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया।