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    हाथरस में गर्मी और उमस से बढ़ा कुत्तों का आतंक, एक हफ्ते में 700 से ज्यादा लोगों पर हमला

    By Sachin Singh Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:26 PM (GMT+05:30)

    हाथरस जिले में उमस भरी गर्मी के कारण कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़े हैं, एक हफ्ते में 700 से अधिक लोग शिकार हुए हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 1 ...और पढ़ें

    हाथरस में सड़क पर घूमते आवारा कुत्ते।

    हाथरस में सड़क पर घूमते आवारा कुत्ते।

    HighLights

    1. जिला अस्पताल में रोजाना 150 मरीज एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे।

    2. सीएमएस ने 24 घंटे में इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी।

    संवाद सूत्र, हाथरस। जिले में बारिश और उमस भरी गर्मी के चलते जिले में कुत्ते अधिक हमलावर हो गए हैं। इससे कुत्ते काटने के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। पिछले एक हफ्ते में 700 से ज्यादा लोग कुत्तों का शिकार बने हैं।

    जिला अस्पताल की एंटी रेबीज यूनिट में रोजाना औसतन 150 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इनमें 75 नए मरीज होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। हर दिन करीब 15 गंभीर मामले आ रहे हैं, जिनमें गहरे घाव और खून निकलने पर एंटी रेबीज सीरम देना पड़ रहा है। बाकी मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। मंगलवार को भी यूनिट में भारी भीड़ रही

    एक महिला ने बताया कि उसकी बच्ची घर के बाहर बैठी थी, तभी पीछे से कुत्ते ने कान दबोच लिया और घाव कर दिया। इसी तरह 15 लोगों को गंभीर घाव हुए। सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश ने बताया कि कुत्ते के काटने के 24 घंटे के भीतर इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। रेबीज का खतरा 20 साल तक रह सकता है।

    कड़ी सर्दी और भीषण गर्मी में कुत्ते ज्यादा खूंखार हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि काटने पर घाव को साबुन-पानी से धोकर तुरंत अस्पताल पहुंचें।

    कुत्ता काटने पर इन बातों पर करें अमल

    • सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें।
    • साफ कपड़े की मदद से रक्तस्त्राव को कम करने की कोशिश करें।
    • प्राथमिक घरेलू उपायों के बाद तुरंत डाक्टर से मिलें।
    • चिकित्सक की सलाह पर रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
    • कुत्ते के काटने के लक्षणों जैसे लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार आदि पर विशेष ध्यान रखें।
    • घाव पर मिर्च, तेल, हल्दी नहीं लगाना है।

    जिला अस्पताल में प्रतिदिन शहर और आसपास के गांव के मरीज भी एंटी रेबीज डोज लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। नए-पुराने मिलाकर करीब 150 डोज मरीजों को लगाई जा रही है।

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    डाॅ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस

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