यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Surya Grahan 2022 India Time: हाथरस में 45 मिनट रहेगा सूर्य ग्रहण, ग्रहण काल में लाभ दिलाएंगे सात उपाय
गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन होती है। मंगलवार को सूर्य ग्रहण के चलते यह पूजा अब बुधवार को की जाएगी। ग्रहण के चलते सूतक लगने से मंदिरों के पट 12 घं ...और पढ़ें

हाथरस, जागरण संवाददाता। गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन होती है। मंगलवार को सूर्य ग्रहण के चलते यह पूजा अब बुधवार को की जाएगी। ग्रहण के चलते सूतक लगने से मंदिरों के पट 12 घंटे पहले से ही बंद कर दिए गए। सूर्य ग्रहण शाम करीब 45 मिनट तक रहेगा। इसे लेकर बाजार भी में सुबह के समय दुकानें बंद रहीं।
गोवर्धन पूजा इस बार दीपावली के बाद नहीं हो सकी। इसका सूर्य ग्रहण बताया गया। सूर्य ग्रहण हालांकि शाम को 04.42 से 05.27 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण करीब 45 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण के चलते सुबह से ही मंदिरों के पट बंद रहे। इन्हें सुबह साढ़े चार बजे ही बंद कर दिया गया था। मंदिरों के कपाट रहने से शहर से लेकर गांव तक के मंदिरों में दर्शन नहीं हो सके। यह पट पूरे दिन बंद रहेंगे। ग्रहण के बाद शाम को मंदिरों में धुलाई करने के बाद ही उन्हें पूजा अर्चना के लिए खोला जाएगा।
दो दिन रही कार्तिक अमावस्या
दीपावली का पर्व कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। इस छोटी दीपावली व बड़ी दीपावली एक ही दिन मनाई गई धनतेरस का पर्व दो दिन मनाया गया। इस बार कार्तिक की अमावस्या 24 व 25 अक्टूबर को दाे दिन रही। ज्योतिषाचार्य पं. विश्वनाथ पुरोहित बताते हैं कि इसके चलते आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा। शाम होने से देश के पूर्वी क्षेत्रों में यह ग्रहण नहीं दिखेगा। पश्चिमी क्षेत्रों में ही यह देखने को मिलेगा।
बुधवार को गोवर्धन पूजा तो गुरुवार को होगी भैया दूज
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सूर्य ग्रहण व अमावस्या के चलते गोवर्धन की पूजा इस बार दीपावली के अगले दिन नहीं दूसरे दिन बुधवार को होगी। इसके लिए तैयारियां भी मंगलवार को शाम के बाद की जाएंगी। गोवर्धन पूजा पर गोशाला रोड स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में दो दिन मेला लगेगा। भैया दूज का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। भैया दूज पर्व को लेकर घरों में अभी से तैयारियां की जा रही हैं।
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ग्रहण के दौरान लाभ दिलाएंगे ये सात उपाय
- सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए।
- खाने-पीने की सामग्री में तुलसी की पत्ती डाल देना चाहिए।
- सूतक लगने पर पूजा-पाठ,धार्मिक अनुष्ठान और शुभ काम नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान आराध्य का नाम मन में जप करना चाहिए।
- गर्भवती स्त्रियों को इधर-उधर घूमना नहीं चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं ग्रहण शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करें।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल छिड़ककर स्नान करना चाहिए।