IAS रिंकू सिंह राही को 'कारण बताओ' नोटिस, एक्स पर लिखा- मिल ही गया प्रेम पत्र, इनाम पाकर खुशी हुई
जालौन में एसडीएम न्यायिक रहे आईएएस रिंकू सिंह राही को विभिन्न विवादों की जांच आख्या के आधार पर शासन से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही। फाइल फोटो।

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जागरण संवाददाता, जालौन। बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी व उरई सदर में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही के खिलाफ विभिन्न विवादों की हुई जांच के बाद डीएम की भेजी आख्या के आधार पर शासन से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
राज्यपाल के आदेश पर यह नोटिस विशेष सचिव विजय कुमार की ओर से बीस अगस्त को जारी किया गया है।
रिंकू सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया कि आखिरकार मिल ही गया प्रेम पत्र। महोदय चार अगस्त को मुख्यमंत्री से आपकी मुलाकात और उसके ठीक अगले दिन, मेरे विरुद्ध शासन को आख्या प्रेषित किया जाना क्या यह मात्र संयोग ही था या कुछ और। आखिर खुशी होती ही है ऐसे इनाम पाकर। हालांकि अब तो आदत सी पड़ गई है इन सबकी। लेकिन अभी तो देखना है कि ऐसे कितने अपार खुशी के झटके झेलने होंगे।
रिंकू की तैनाती पांच मई को जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर हुई थी। यहां शिकायतों के बाद उन्हें सदर तहसील में 30 जून को न्यायिक एसडीएम के पद पर स्थानांतरित किया गया।
उरई नगरपालिका के कार्यों की जांच के दौरान उनकी ओर से जांच अधिकारी एडीएम को सूचित किए बिना पालिका कार्यालय पहुंच कर हंगामा करने, नवीन तहसील भवन में आवंटन नहीं होने के बाद भी कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय का फर्नीचर लेकर पहुंच जाना और वहां मीडिया को बुला उनके सामने हंगामा करने, वकीलों की ओर से सही बर्ताव न करने की डीएम से शिकायत कर बहिष्कार करना शामिल है। इन मामलों की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व राजीव राज, एएसपी ईशांत सोनी के पास थी।
भेजी गई आख्या के प्रमुख बिंदु
शासन को भेजी आख्या के प्रमुख बिंदु में जालौन में एसडीएम के पद पर तैनाती के दौरान रिंकू सिंह की ओर से शिक्षकों को निकम्मा, चोर आदि कहा गया। नायब नाजिर भानुमति ने 27 मई को शिकायत कर मानसिक उत्पीड़न करने की बात कही। लेखपाल संघ ने सभी के समक्ष अपमानित करने का आरोप लगाया।
24 जून को ब्लाक प्रमुख रामराजा निरंजन ने शिकायत की कि कोल्ड स्टोरेज में निरीक्षण के दौरान उन्हें थप्पड़ मारने का प्रयास व धक्का दिया। प्रभारी तहसीलदार तारा शुक्ला ने 15 जून को लिखा कि उनसे अमर्यादित व्यवहार किया।
तत्कालीन सदर एसडीएम ज्योति सिंह ने दो जुलाई को शिकायत की कि वह दिव्यांग हैं इसके बाद भी रिंकू सिंह की ओर से गलत भाषा का प्रयोग किया गया। कस्बा जालौन में नजूल भूमि प्रकरण में 22 जून को रिंकू की ओर से रिपोर्ट में संबंधित लेखपाल की लापरवाही व मिलीभगत की बात लिखी किंतु कोई कार्रवाई न कर आख्या को इंटरनेट मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया।
पांच अगस्त को डीएम की ओर से शासन को भेजी जांच आख्या में है कि रिंकू सिंह की ओर से समय-समय पर कई शासकीय उच्च अधिकारियों को संबोधित गोपनीय पत्रों को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर अखिल भारतीय सेवाओं का उल्लंघन किया गया। इस आख्या के आधार पर नोटिस का जवाब 15 दिन में शासन ने तलब किया है।
