उरई में 55000 हेक्टेयर घटा खरीफ का रकबा, विभाग ने जनपद में 166828 हेक्टेयर क्षेत्र में बोआई का रखा टरगेट
इस साल उरई (जालौन) में खरीफ की बोआई का रकबा पिछले साल के मुकाबले 55 हजार हेक्टेयर घटकर 166828 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग खाद-बीज के प् ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
खरीफ बोआई का रकबा 55 हजार हेक्टेयर घटा।
कुल 166828 हेक्टेयर में होगी खरीफ की बोआई।
कृषि विभाग खाद-बीज प्रबंधन में जुटा, किसान तैयार।
जागरण संवाददाता, उरई। खरीफ फसल की बोआई की तैयारी शुरू हो गई है। कृषि विभाग खाद बीज के प्रबंधन में लगा हुआ है। साथ ही इस बार का लक्ष्य भी तय हो गया है। 166828 हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य रखा गया है। जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में यह लगभग 55 हजार हेक्टेयर कम है। गत वर्ष 222255 हेक्टेयर में खरीफ की बोआई की गई थी। कुल मिलाकर खरीफ का रकबा इस बार घट गया है।
रबी के बाद अब खरीफ फसल की बोआई की तैयारी होने लगी है। कृषि विभाग अपने बीज, खाद का इंतजाम कर रहा है। जिससे किसानों को समय से बीज दिए जा सकें। कुछ जिंसों के बीज आ भी चुके हैं। दूसरी तरफ किसान भी खरीफ की बोआई की तैयारी में लग गए हैं।
166828 हेक्टेयर में खरीफ की बोआई होगी
विभाग ने जनपद में खरीफ की बोआई का लक्ष्य तय किया है। कुल 166828 हेक्टेयर में खरीफ की बोआई की जानी है। यह गत की वर्ष की अपेक्षा लगभग 55 हजार हेक्टेयर कम है। इधर दो वर्षों से जिले में धान का रकबा जरूर बढ़ा है। इसके साथ ही ज्वार, बाजरा, मक्का, श्री अन्न, दलहन में उर्द, मूंग, अरहर, तिलहन में मूंगफली, सोयाबीन, तिल आदि जिंसों का क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है।
अपर जिला कृषि अधिकारी पुष्कर दीक्षित ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार जिले में खरीफ का रकबा कम है। विभाग अपनी तैयारी कर रहा है। किसानों को खरीफ की बोआई के लिए समय से बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों ने भी अपनी तैयारी करनी शुरू कर दी है।
खबरें और भी
वर्ष 2026 में खरीफ का लक्ष्य जिंसवार (हेक्टेयर में)
- धान - 24607
- ज्वार - 27675
- मक्का - 3105
- बाजरा - 19306
- श्री अन्न - 507
दलहन
- उर्द - 12009
- मूंग - 1277
- अरहर - 9548
तिलहन
- मूंगफली - 8013
- सोयाबीन - 14
- तिल - 60667