जालौन में सुसाइड से पहले वीडियो बनाने वाले मजदूर के मामले में प्रशासन ने लिया संज्ञान, परिजनों को मिलेंगे 5 लाख रुपए
जालौन में एक मजदूर ने बच्चे के इलाज के लिए मकान बेचने के बाद धोखाधड़ी का शिकार होकर आत्महत्या कर ...और पढ़ें
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प्रदीप कुमार, फाइल फोटो
HighLights
जालौन में मजदूर ने धोखाधड़ी के बाद की आत्महत्या।
तीन आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस।
मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवार को पांच लाख की मदद।
संवाद सहयोगी, जालौन। जालौन कोतवाली के मुहल्ला सहावनाका निवासी 40 वर्षीय प्रदीप कुमार की ओर से 15 अगस्त की शाम को अपना वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के बाद आत्महत्या करने के मामले में तीन लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी, एससी-एचटी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस अब तीनों आरोपितों की तलाश के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस की दो टीमों को इसमें लगाया गया है। घटना को लेकर रविवार को रात दस बजे तक अधिकारी और पुलिस मजदूर के स्वजन को समझाने में जुटी रही। सोमवार सुबह भी गांव में पुलिस टीम तैनात थी। मजदूर के स्वजन के सामने अपने बच्चों के पालन पोषण के साथ बीमार बच्चे का इलाज होने की समस्या है। फिलहाल प्रशासन ने मजदूर के स्वजन की आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से पांच लाख रुपये तक दिलाने का आश्वासन दिया है।
आठ माह का बेटा था गंभीर रूप से बीमार
प्रसारित वीडियो में मजदूर ने कहा था कि मेरा पुलिस अधीक्षक, डीएम व मुख्यमंत्री से निवेदन है कि मेरे बच्चों को न्याय दिलाया जाए। बच्चे के बीमार होने पर मैंने पत्नी के नाम जो मकान था वह राजबहादुर को बेच दिया। मेरा मकान राजबहादुर को रजिस्ट्री कराया लेकिन अब वह रुपये देने से मुकर गया। इससे मेरे बच्चे का इलाज नहीं हो पा रहा है, मैं अब मरने जा रहा हूं।
यह वीडियो 15 अगस्त की शाम को प्रसारित करने के बाद प्रदीप ने रात में फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार सुबह पत्नी को इसकी जानकारी हो सकी थी। मजदूर के परिवार में पत्नी शीला देवी, पांच पुत्रियों कविता, दीक्षा, ललिता, छुटकी और छोटी के साथ दो पुत्र केशव और धीरज का भरण पोषण करता था। उसके आठ माह के पुत्र धीरज को मस्तिष्क में पानी आने संबंधी बीमारी है।
पहले तो वह कर्ज लेकर व मजदूरी कर बच्चे का इलाज कराता रहा। जब बच्चे के इलाज में अधिक खर्चा आया तो उसने मुहल्ले के राजबहादुर यादव से दो लाख रुपये लेकर मकान का सौदा किया था। बाद में डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिए। फिर भी वह रुपये देने की बात नहीं मान रहा था। उसे फिर से रुपयों की जरूरत पड़ी तो मुहल्ले के ही मातादीन के कहने पर राजबहादुर के भाई जय सिंह के नाम मकान लिख दिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला किया दर्ज
पत्नी ने आठ अगस्त तो राजबहादुर यादव के भाई के नाम मकान की रजिस्ट्री कर दी तो राजबहादुर ने छह लाख रुपये की चेक दी और कहा कि अभी खाते में रुपये नहीं हैं चेक बैंक में न लगाए। कई बार राजबहादुर से रुपये मांगे तो उसने धमकाकर भगा दिया था। मजदूर की पत्नी शीला ने जालौन कोतवाली निरीक्षक को तहरीर देकर तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस पहले जांच करने की बात कहती रही।
इसी बात से नाराज स्वजन ने अन्य ग्रामीणों के साथ सहावनाका रोड पर रविवार शाम छह बजे शव रख कर जान लगा दिया। मौके पर एसडीएम राकेश कुमार सोनी, सीओ अजय कुमार सिंह भी पहुंचे। स्वजन मुकदमा के साथ मुआवजा की बात पर अड़े थे।
एसडीएम के आश्वासन पर एक घंटे बाद जाम खुल सका। एसडीएम ने बताया कि मजदूर के स्वजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से करीब पांच लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी, उसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इलाज आदि को लेकर भी मदद की जा रही है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने बताया कि आरोपित राजबहादुर, इसका भाई जयसिंह, पड़ोसी मातादीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीनों की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी।
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