'मैं मरने जा रहा हूं, मेरे बच्चे को न्याय देना'... आत्महत्या से पहले शख्स ने बनाया वीडियो, CM और DM से लगाई गुहार
जालौन में एक व्यक्ति ने अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए मकान बेचने के बाद पूरी रकम न मिलने पर आत्महत्या कर ली।
HighLights
बीमार बच्चे के इलाज हेतु मकान बेचा, पूरे रुपये नहीं मिले।
जालौन में युवक ने मकान बिक्री के विवाद में आत्महत्या की।
आत्महत्या से पूर्व एसपी, डीएम, सीएम से न्याय की गुहार लगाई।
संवाद सहयोगी, जालौन। मेरा पुलिस अधीक्षक, डीएम व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निवेदन है कि मुझे और मेरे बच्चों को न्याय दिलाया जाए। बच्चे के बीमार होने पर मैंने पत्नी के नाम जो मकान था वह राजबहादुर को बेच दिया है। मेरा मकान राजबहादुर को रजिस्ट्री कराया तो बचे हुए ढाई लाख रुपये उसने कहा चेक से देंगे अब वह रुपये देने से मुकर गया। इससे मेरे बच्चे का इलाज नहीं हो पा रहा है मैं अब मरने जा रहा हूं।
यह वीडियो 15 अगस्त की शाम को इंटरनेट मीडिया पर जालौन कोतवाली के मुहल्ला सहावनाका निवासी प्रदीप कुमार ने प्रसारित किया। दैनिक जागरण किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इसके पहले प्रदीप ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। रात में उसने फंदा लगाकर जान दे दी। सोमवार की सुबह पत्नी ने उसे फंदे पर लटका देखा। अभी किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की है।
मुहल्ला सहावनाका निवासी 40 वर्षीय प्रदीप कुमार मजदूरी करके पत्नी शीला देवी के साथ पांच पुत्रियों कविता, दीक्षा, ललिता, छुटकी और छोटी के अलावा दो पुत्र केशव और धीरज का भरण पोषण करता था। उसके आठ माह के पुत्र धीरज को सिर में पानी आने संबंधी बीमारी थी।
पहले तो वह कर्ज लेकर व मजदूरी करके बच्चे का इलाज कराता रहा। जब बच्चे के इलाज में अधिक खर्चा आया तो उसने मुहल्ले के राजबहादुर यादव से दो लाख रुपये लेकर मकान का मुहायदा किया था। बाद में डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिए। फिर भी वह रुपये देने की बात नहीं मान रहा था।
उसे फिर से रुपयों की जरूरत पड़ी तो मुहल्ले के ही मातादीन ने कहा कि मकान बेच दो तो तुम्हारे बेटे का अच्छे से इलाज हो जाएगा। इसके बाद उसने पत्नी से कहा कि मकान बेचने पर बेटे का अच्छा इलाज करा लेंगे। पत्नी ने आठ अगस्त तो राजबहादुर यादव के भाई के नाम मकान की रजिस्ट्री कर दी तो राजबहादुर ने कहा कि छह लाख रुपये की चेक घर से ले लेना राजबहादुर ने घर जाकर उसे चेक दे दी और कहा कि अभी खाते में रुपये नहीं हैं वह चेक बैंक में न लगाए।
एसपी, डीएम और सीएम से लगाई न्याय की गुहार
इसके बाद वह कई बार राजबहादुर के पास रुपये मांगने गया तो उसने उसे धमकाकर भगा दिया और कहा कि अब रुपये नहीं मिलेंगे। परेशान होकर प्रदीप कुमार ने शनिवार को एक वीडियो बनाया जिसमें बच्चे की बीमारी से लेकर मकान बेचने व रुपये देने की पूरी बात कही। साथ ही पुलिस अधीक्षक, डीएम व मुख्यमंत्री से न्याय दिलाने की गुहार लगाकर वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया।
रुपये न देने की पीड़ित ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। शाम को ही उसने घर के कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वीडियो प्रसारित होने के बाद भी कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई संज्ञान नहीं लिया बल्कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर इतिश्री कर ली है। मृतक के स्वजन ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने कहा कि रजिस्ट्री ऑफिस बंद है इसलिए डिटेल नहीं मिली है। शिकायती पत्र मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। रुपये न मिलने की पीड़ित ने पहले कोई शिकायत नहीं की थी।
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