IGRS शिकायतों के फर्जी निस्तारण में जालौन में लेखपाल निलंबित, ओलावृष्टि संबंधी शिकायतों का फर्जी तरीके से कर दिया था निस्तारण
जालौन में लेखपाल नीटू यादव को IGRS शिकायतों के फर्जी निस्तारण के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की वर्चुअल समीक्षा में अनियमितता सामने आन ...और पढ़ें
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HighLights
लेखपाल नीटू यादव को जालौन में निलंबित किया गया।
IGRS शिकायतों का फर्जी निस्तारण पाया गया।
ओलावृष्टि राहत प्रकरण में भी लापरवाही सामने आई।
संवाद सहयोगी, जालौन। जन शिकायतों के समय और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। जिलाधिकारी ने आइजीआरएस संदर्भों की वर्चुअल समीक्षा के दौरान तहसील जालौन के लेखपाल नीटू यादव द्वारा शिकायतों का सही निस्तारण न करने पर एसडीएम से जांच कराई तो अनियमितता सामने आ गई। पाया गया कि शिकायतों का निस्तारण फर्जी तरीके से किया गया है। इस पर नाराजगी प्रकट करते हुए डीएम के निर्देश पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार को नामित किया है।
समीक्षा में यह भी पाया गया कि आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सीमांकन व ओलावृष्टि संबंधी शिकायतों का नियमानुसार तथ्यात्मक निस्तारण किए बिना सरसरी तरीके से उनका निस्तारण दिया गया है। क्रास जांच में शिकायतकर्ता से संवाद में मामला सही पाया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने उप जिलाधिकारी जालौन राकेश सोनी को संबंधित लेखपाल के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारी द्वारा की गई जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद तहसीलदार की संस्तुति पर लेखपाल नीटू यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित लेखपाल द्वारा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लगातार लापरवाही बरती गई।
ओलावृष्टि राहत प्रकरण में भी आवश्यक अभिलेखों एवं प्रभावित किसानों के बैंक खातों का सही विवरण समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे राहत सहायता वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई। प्रशासन द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आइजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की फर्जी रिपोर्टिंग, तथ्यों को छिपाने या शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जन शिकायतों का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निलंबन अवधि में नीटू यादव का मुख्यालय तहसीलदार कार्यालय निर्धारित किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार सत्येंद्र को जांच अधिकारी नामित किया गया है।