दो साल तक पेट में 20 किलो की गांठ ढोती रही महिला, ऑपरेशन के बाद मिली राहत
जालौन के राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक महिला को नई जिंदगी मिली। दो साल से 20 किलोग्राम की विशाल गांठ से पीड़ित यह महिला कई निजी अस्पतालों से निराश होकर ल ...और पढ़ें

HighLights
दो साल से 20 किलो की गांठ से पीड़ित थी महिला।
निजी अस्पतालों ने ऑपरेशन से किया था इनकार।
जालौन मेडिकल कॉलेज में सफल जटिल सर्जरी हुई।
जागरण संवाददाता, जालौन। पेट में पल रही करीब 20 किलोग्राम की विशाल गांठ, निजी अस्पतालों की असमर्थता और लगातार बढ़ती पीड़ा के बीच आखिरकार एक महिला को राजकीय मेडिकल कालेज में नई जिंदगी मिल गई। जनरल सर्जरी विभाग ने अत्यंत जटिल और जोखिमपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए महिला के पेट से यह विशाल गांठ निकाल दी। वर्तमान में महिला स्वस्थ है।
जनपद कानपुर देहात ग्राम मकरंदापुर गुरुग्राम निवासी बेबी पत्नी रामदयाल चौहान पिछले लगभग दो वर्षों से पेट में बढ़ती गांठ की समस्या से पीड़ित थी। गांठ का आकार इतना बड़ा हो गया था कि पेट के निचले हिस्से से शुरू होकर पूरे उदर में फैल गया।
स्वजन के अनुसार, उन्होंने कानपुर, कानपुर देहात और शहर के कई निजी अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन ऑपरेशन की जटिलता और जोखिम के कारण कई जगह शल्यक्रिया से इन्कार कर दिया गया। इसके बाद बेबी राजकीय मेडिकल कालेज पहुंची जहां विभागाध्यक्ष डॉ. निशांत सक्सेना के नेतृत्व में जांच के बाद उसे भर्ती किया गया।
प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि रोगी खून की कमी से भी पीड़ित थी, इसलिए पहले उसकी स्थिति को स्थिर किया गया। ऑपरेशन से पूर्व चार यूनिट और ऑपरेशन के दौरान दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। इसके बाद सर्जरी टीम ने सफल ऑपरेशन कर 20 किलो की गांठ निकाल दी।
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इस जटिल शल्यक्रिया में जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष निशांत सक्सेना के साथ टीम में डॉ. आदर्श डांडे, डॉ. नीरज राजपूत, डॉ. रेनू, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अनिल, पीजी छात्र डॉ. अरुण चौधरी, नर्सिंग स्टाफ मनीषा सहित अन्य कर्मियों ने सहयोग दिया। प्राचार्य ने कहा कि इस तरह का जटिल ऑपरेशन मेडिकल कालेज में होना यहां की स्वास्थ्य सेवा की उत्कृष्टता का उदाहरण है।