जालौन: IAS रिंकू सिंह राही और वकीलों के बीच तनातनी बरकरार, लाइव सुनवाई में बोले- कोर्ट को मजाक बनाकर रखा
जालौन में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही और वकीलों के बीच विवाद गहरा गया है, जिससे राजस्व अदालतों में वकीलों का असहयोग जारी है। रिंकू सिंह अपने कार्यो ...और पढ़ें

उरई एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, जालौन। एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही और वकीलों के जिद पकड़ने से विवाद थमने के स्थान पर और बढ़ा है। बुधवार को भी राजस्व कोर्ट में अधिवक्ताओं ने असहयोग जारी रखा और बार कक्ष में बैठे रहे।
कहा कि जब तक एसडीएम न्यायिक के पद पर रिंकू सिंह हैं, तब तक राजस्व कार्यों में सहयोग नहीं करेंगे। वहीं, न्यायिक कोर्ट में रिंकू सिंह करीब 10:45 बजे पहुंचे और पुकार भी लगवाई। किसी के नहीं आने पर कुछ देर बाद उठकर चले गए।
इसके बाद उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट डाली और लिखा कि उपजिलाधिकारी (न्यायिक) उरई न्यायालय में लंबित सभी वादों का समयबद्ध, पारदर्शी व उत्तरदायित्वपूर्ण निस्तारण हो रहा है। लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई, जमीन कुर्रा बनाने, पैमाइश करने व राजस्व आख्या में जानबूझकर देरी करने या गलत काम करने वालों के विरुद्ध कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।
कोर्ट की कार्यवाही को ऑनलाइन देख सकते हैं। दोनों पक्षों के अपनी बात पर अड़े रहने से जनता परेशान हो रही है, क्योंकि उनके मुकदमों की सुनवाई ठप है। अधिवक्ताओं ने बुधवार को फिर डीएम राजेश कुमार पांडेय को पत्र देकर अपनी मांग दोहराई।
डीएम ने वकीलों को किया आश्वस्त
डीएम ने मामला सुलझाने के लिए वकीलों को आश्वस्त किया है। बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी रिंकू सिंह राही व अधिवक्ताओं के बीच विवाद का पटाक्षेप अभी नहीं हो सका है।
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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ओमनारायण सिंह ने कहा कि जल्द निर्णय होना चाहिए। आइएएस रिंकू सिंह की जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर पांच मई को पहली तैनाती हुई थी।
इसके बाद से वह विवादों में ही घिरे हैं। उरई सदर में काम संभालने के बाद से नगरपालिका के विकास कार्यों की जांच, फिर 23 जुलाई को शासन के नाम आधा काम का आधा वेतन का पत्र व डीएम के जनता दर्शन पर सवाल खड़े करने जैसी उनकी पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रचलित हो चुकी हैं।
चार जुलाई को लगी थी कोर्ट
मामलों की सुनवाई के लिए एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही की चार जुलाई को कोर्ट लगी थी। इसमें परशुराम बनाम हसीना बेगम से जुडे़ मामले की सुनवाई की गई। इंटरनेट मीडिया पर डाली वीडियो पोस्ट में है कि एसडीएम न्यायिक ने मामले की सुनवाई के लिए दोनों का नाम लिया और पूछा कि तहसीलदार नहीं आए।
तहसीलदार की गैर मौजूदगी पर नाराजगी व्यक्त कर कहा कि कोर्ट को मजाक बना रखा है। ऐसी स्थिति में कैसे मामलों की सुनवाई होगी। उसके पहले उन्होंने तहसीलदार को कॉल कर उपस्थित होने को कहा।
वहीं न्यायिक कार्रवाई में संतोषजनक रिपोर्ट न मिलने पर एसडीएम को व्यक्तिगत पेशी के लिए आदेशित किया। इसके लिए छह जुलाई की डेट तय की गई। तहसीलदार श्रीश कुमार मिश्रा का कहना है कि जो भी पत्राचार किए गए उनका जवाब दिया गया है। मामले की जानकारी उनको नहीं है।