झांसी-कानपुर हाईवे पर 7 दिन रूट डायवर्ट, कालपी ओवरब्रिज मरम्मत होने से लिया गया फैसला
झांसी-कानपुर हाईवे पर कालपी ओवरब्रिज की क्षतिग्रस्त स्लैब की मरम्मत कर नई स्लैब डाली गई है, जिसके चलते यातायात को एक सप्ताह के लिए डायवर्ट किया गया है ...और पढ़ें
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कालपी में ओवरब्रिज की टूटी स्लैब पर की गई कंक्रीट की ढलान। जागरण
HighLights
29 जुलाई को किया गया था डायवर्जन, स्लैब ढालने के बाद अब सूखने तक नहीं निकलेंगे वाहन
पुराने यमुना पुल की 22 मई से 24 जुलाई तक मरम्मत के दौरान यातायात बंद होने से लगता था जाम
संवाद सहयोगी, कालपी (जालौन)। झांसी-कानपुर हाईवे पर कालपी में ओवरब्रिज की क्षतिग्रस्त स्लैब की कटिंग का काम एक सप्ताह में पूरा हो जाने के बाद शुक्रवार की रात स्लैब ढाल दी गई। इसलिए ओवरब्रिज से गुजरने वाला यातायात दूसरे पुल की ओर डायवर्ट किया गया है। एक ही पुल से दोनों ओर के वाहनों का यह आवागमन आगे एक सप्ताह तक रह सकता है। इससे एक बार फिर यमुना के पुराने पुल में मरम्मत के दौरान लगे जाम जैसी समस्या का सामना करना होगा।
ओवरब्रिज की स्लैब 16 जुलाई को क्षतिग्रस्त हुई थी। उसके बाद से एक ओर बैरिकेड लगा कर वाहन निकल रहे थे। अब पूरी तरह से यातायात रोक कर डायवर्जन किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की कार्यदायी संस्था के प्रबंधक उत्तम सिंह ने बताया कि पुल पर स्लैब ढाले जाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
झांसी-कानपुर हाईवे पर कालपी कस्बा के ओवरब्रिज की क्षतिग्रस्त हिस्से की स्लैब तैयार कर दी गई है। बेहतर मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से हाईग्रेड एम-50 कंक्रीट का उपयोग किया गया है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह निर्माण के दौरान एनएचएआइ और कार्यदायी संस्था के प्रबंधक उत्तम सिंह, इंग्लेश शर्मा मौजूद रहे और गुणवत्ता की निगरानी की।
मरम्मत कर रही सेंट फील्ड कंपनी भोपाल के एजीएम संजोग गोटीबाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्लैब ढालने से पहले क्षतिग्रस्त भाग व उसके आसपास पांच मीटर तक कटिंग करवानी पड़ी इसीलिए देर लगी है। रात को स्लैब ढालने का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब कंक्रीट के निर्धारित समय तक सूखने और मजबूती प्राप्त करने के बाद ओवरब्रिज यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। अभी इसमें एक सप्ताह तक डायवर्जन किया जा सकता है। फुलपावर चौराहा के ऊपर से गुजरे ओवरब्रिज की स्लैब एक माह के भीतर दो बार क्षतिग्रस्त हुई है। इससे पहले 17 जून को इसी स्थान की स्लैब क्षतिग्रस्त हुई थी।
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एक माह जाम की रही मुसीबत
यमुना के पुराने पुल की मरम्मत 22 मई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चली थी। इस दौरान कानपुर जाने वाले वाहनों को नए पुल की ओर डायवर्ट किया गया था। इससे करीब एक माह तक रात को वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लगा और व्यापार से लेकर आम नागरिकों तक को मुसीबत हुई। जाम लगने का कारण डायवर्जन के दौरान बीच पर रखे पत्थर थे। इस बार भी अगर ऐसा ही हुआ तो फिर जाम जैसी समस्या होगी।
डायवर्जन के दौरान सर्तकता, ताकि न लगे जाम
डायवर्जन के दौरान पुलिस व एनएचएआइ कर्मियों को निगरानी रखनी होगी जिससे वाहन खराब होने की दशा में तुरंत उन्हें हटाया जा सके। एनएचएआइ कार्यदायी संस्था के प्रबंधक उत्तम सिंह ने बताया कि इस बार डायवर्जन के दौरान सतर्कता बरती जा रही है, जाम लगने की समस्या नहीं आएगी।