Kalpi MLA Report Card: कालपी विधायक के कार्यकाल में विकास कार्य, पर बाढ़ और बस स्टैंड की समस्या बरकरार
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने सड़क, पुल और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार जैसे कई विकास कार्य कराए हैं। हालांकि, कालपी क्षेत्र में हर साल आने वाली बा ...और पढ़ें

HighLights
विधायक विनोद चतुर्वेदी ने सड़क, पुल, धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार कराया।
कालपी में बाढ़ की गंभीर समस्या का स्थायी निदान नहीं।
ऐतिहासिक नगरी कालपी में बस स्टैंड का अभाव बना हुआ।
जागरण संवाददाता, उरई। जिले में यमुना नदी के तट पर बसा कालपी प्राचीन और ऐतिहासिक नगर है। इसे बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। यह नगर महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। कालपी का इतिहास और इसकी धरोहरें इसे प्रदेश के सबसे खास पर्यटन स्थलों में से एक बनाती हैं।
कालपी विधानसभा सीट पर सपा से विनोद चतुर्वेदी विधायक हैं। विपक्ष में रहते हुए भी उनकी ओर से पर्यटन क्षेत्र में काफी विकास कार्य कराए गए। कई के प्रस्ताव भी रखे। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या बरसात के दौरान बाढ़ की रहती है। कालपी नगर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से लोगों को समस्या होती है, इसका निदान अभी नहीं हो सका है।
वहीं, धार्मिक स्थलों की कनेक्टिवटी न होने से यहां दूसरे शहरों से आने वाले पर्यटक नहीं आ पाते हैं। कागज उद्योग को एक जिला एक उत्पाद में तो स्थान दिलाने में वह सफल रहे लेकिन उद्यमियों के लिए बाजार न मिलना एक कठिन समस्या है।
विधानसभा चुनाव 2022 में कालपी विधानसभा सीट से सपा के विनोद चतुर्वेदी ने निषाद पार्टी के छोटे सिंह को 2,816 वोटों के अंतर से हराया था। सपा प्रत्याशी को 69,782 वोट मिले थे। छोटे सिंह को 66,966 वोट मिले थे। चुनाव जीतने के बाद कालपी विधायक ने अपनी निधि से सोलर लाइट, स्कूल, प्रवेश द्वार, स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण पर काम हुआ।
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यमुना नदी में पिचिंग का कार्य कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कई पुल और सड़कों का निर्माण भी कराया। यहां मूलभूत समस्या बरसात के दिनों में कालपी नगर, महेवा ब्लाक के करीब 30 गांवों बाढ़ से पूरी तरह से घिर जाते हैं। इसी क्षेत्र में कुठौंद, कदौरा आदि भी बाढ़ से घिर जाते हैं। इस समस्या का स्थाई निदान अभी नहीं मिल सका है।
यहां की प्रमुख समस्याएं
- ऐतिहासिक नगरी कालपी में बस स्टैंड नहीं है।
- पर्यटक सुविधाओं का अभाव है, अच्छे होटल व अन्य सुविधाएं नहीं है।
- जोल्हूपुर से मदारीपुर तक फोरलेन नहीं है।
- बरसात में बाढ़ के दौरान कालपी में निचाई वाले स्थानों पर जलभराव का होना।
- धार्मिक स्थलों में बेहतर रोड कनेक्टिविटी की सुविधा अभी भी नहीं हो सकी है।
इस विधानसभा क्षेत्र में हुए कार्य
विद्यालय के लिए तीस लाख, स्वास्थ्य के लिए 82 लाख, प्रतीक्षालय के लिए 60 लाख, सोलर लाइट के लिए 60 लाख, टिनशेड के लिए 35 लाख, प्रवेश द्वार के लिए एक करोड़ पचास लाख, करीब नौ लाख से कालपी और कदौरा स्वास्थ्य केंद्रों में हेल्थ एटीएम, करीब 80 लाख की लागत से दस व्यायामशाला, इसके अलावा नाला निर्माण, नाली, आरसीसी सड़क आदि पर निधि खर्च की गई है। ग्राम मुमताज में दो सौ मीटर नाला का निर्माण 12 लाख 73 हजार से कराया गया है।
मतदाता- कालपी विधानसभा क्षेत्र
- कालपी विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता- 3,60,476 है।
- पुरुष मतदाता 2,00467 है,
- महिला मतदाता 1,59,999 हैं,
- थर्ड जेंडर 10 मतदाता हैं।
विधायक द्वारा किए गए प्रयास
विधायक विनोद चतुर्वेदी का कहना है कि कालपी में बस स्टैंड के लिए प्रयास किए हैं लेकिन जगह मिलने में दिक्कत आ रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास शासन स्तर से चल रहे हैं। जोल्हूपुर से मदारीपुर तक लगभग 54 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया है। शहर में जल भराव की समस्या से निपटने के लिए पहले ही रिटर्निंग वाल को बनवाया गया। अब फिर से एक रिटर्निंग वाल की मांग है। धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों तक कनेक्टिविटी के लिए सड़कों को चौड़ा कर विस्तारित किया गया है। व्यास मंदिर हो या सूर्य मंदिर लगभग सभी ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों तक सड़कों का निर्माण कराया जा चुका है। सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के साथ वहां तक सड़क मार्ग का निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। कालपी में बस स्टैंड का निर्माण का भी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। कई पर्यटन से जुड़े कार्यों के लिए सरकार से मांग कर चुके हैं। उद्योग व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित कराया है।
विपक्ष का पक्ष
किसानों के हित में काम नहीं किया गया है, कालपी विधान सभा में जो विकास के नाम पर बडे़ बडे़ गेटों के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं वह जनहित में नहीं हैं, इस धन से किसानों के लिए सिंचाई सुविधा बढ़ाई जा सकती थी, दिखावा वाले काम अधिक किए गए हैं। हर साल बाढ़ में हजारों लोग बेघर हो जाते हैं, इस क्षेत्र में बचाव को लेकर विधायक की ओर से कोई ठोस उपाय नहीं किए जा सके हैं, कई रोडें अभी भी अधूरी और नहीं बन सकी हैं।
-उमाकांती, कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव में मिला चौथा स्थान, कांग्रेस की पूर्व विधायक।
क्षेत्र के लोगों की राय
सरकार के सहयोग से कालपी विधायक ने कार्यकाल के दौरान कालपी मुख्य बाजार की सड़क बेहतर तैयार कराई, यमुना नदी में बिहारी जी घाट पर बाउंड्री वाल सहित विकास के कई कार्य हुए हैं, महिर्ष वेदव्यास मंदिर को जाने वाले रोड का निर्माड़ भी कराया गया है। पर्यटन को लेकर कुछ कार्य होने शेष हैं।
-राकेश पुरवार, मंडल सचिव लायंस क्लब कालपी।
विधायक ने कागज उद्योग के लिए सरकार से लड़ाई लड़कर जीएसटी में छूट दिलाने को विधानसभा में सवाल उठाए और सफलता प्राप्त की, जिससे कागज उद्योग को बहुत बड़ी राहत मिली। इंडस्ट्री एरिया से काशीखेड़ा तक रोड स्वीकृति कराया। बाजार उपलब्ध होने लगे तो और लाभ मिल सकेगा।
-नरेंद्र तिवारी, अध्यक्ष उप्र हाथ कागज निर्माता संघ।
कालपी विधान सभा क्षेत्र में विकास कार्य तो कराए गए हैं जिसमें पाल सरैनी से यमुना नदी पर अधूरा पुल चालू कराया गया, अब कालपी को पर्यटन के क्षेत्र में आगे लाने को लेकर काम कराने की जरूरत है, यहां कई ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जिन पर काम कराने का प्रयास किया जाना चाहिए।
-वीरपाल सिंह, नागरिक।
कालपी विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत तो दिलाई जाती रही है लेकिन स्थाई समाधान अभी तक नहीं मिल सका है, कुछ ऐसी व्यवस्था हो जिससे गांवों में बाढ़ का संकट इतना विकराल न हो सके, अभी और सड़कों को दुरुस्त कराने की जरूरत है, कई काम बेहतर भी कराए गए हैं।
-दिनेश कुमार गुप्ता, कालपी।