जालौन में 22 साल पुराने डकैती के मामले में दो दोषियों को 10 साल की सजा, 15-15 हजार लगा जुर्माना
उरई के डकोर गांव में 22 साल पहले हुई डकैती के मामले में दो दोषियों देवेंद्र सिंह और रमेश को कोर्ट ने 10-10 साल की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, उरई। 22 पहले डकोर गांव में एक घर में आठ सशस्त्र बदमाशों द्वारा एक घर में डकैती डालने के मामले में दो दोषियों को न्यायालय ने 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक आरोपित लंबे समय से अनुपस्थित था, इस कारण 2024 में उसकी पत्रावली कोर्ट ने सुरक्षित करवा दी थी।
ग्राम डकोर में 12 दिसंबर 2004 को जागेश्वर दयाल के घर रात ढाई बजे के आसपास आठ सशस्त्र बदमाश दुलीचंद यादव के मकान के सहारे घुस आए थे। आहट होने पर वह परिवार सहित जाग गया।
बदमाशों को घर में घुसा देख उसने ललकारा तो बदमाश उसके घर में रखा बक्सा उठाकर भागने लगे। शोर मचाने पर अन्य ग्रामीण भी आ गए थे लेकिन बदमाशों के पास असलहा थे, इस कारण किसी ने उनका पीछा नहीं किया। बक्सा में 15 हजार रुपये, चार तोला सोने का हार, दो अंगूठी, एक चांदी की करधनी व साड़ियां थीं। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत थाने में की थी।
पुलिस ने डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। विवेचना के दौरान गांव के ही देवेंद्र सिंह, रमेश व कृपाल सिंह के नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने मुकदमा में बढ़ाकर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। साथ ही दो आरोपितों को जेल भेज दिया था। जिसमें कृपाल सिंह लगातार न्यायालय से अनुपस्थित रह रहा था। इस कारण 17 फरवरी 2024 को पत्रावली सुरक्षित करवा दी गई थी।
इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर स्पेशल जज डकैती कोर्ट चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने डकैती के दोषी देवेंद्र सिंह व रमेश को 10-10 साल की सजा सुनाई और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना जमा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।