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    UP Police लूटकांड: सट्टा किंग, हवाला और खाकी... 24.90 लाख की लूट में कई बड़े खुलासे

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 05:05 PM (IST)

    झांसी में 24.90 लाख रुपये की लूट की जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला नेटवर्क से जुड़े संभावित कनेक्शन सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार ट्रैवल्स कारोबार ...और पढ़ें

    गिरफ्तार आरोपितों की जानकारी देते झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति। जागरण

    गिरफ्तार आरोपितों की जानकारी देते झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति। जागरण

    HighLights

    1. 24.90 लाख रुपये लूटकांड की जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है

    2. पुलिस के अनुसार कुछ आरोपित गिरफ्तार हैं, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है

    3. जांच एजेंसियां लूट की रकम, वित्तीय लेनदेन और संभावित हवाला कनेक्शन की जांच कर रही हैं

    जागरण संवाददाता, झांसी/उरई। झांसी में व्यापारियों की रकम इधर से उधर पहुंचाने वाले एजेंट को अगवा कर 24.90 लाख रुपये लूटने वाले जालौन के तीनों सिपाही सट्टा खेलते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लूट का मास्टरमाइंड ट्रैवल्स कारोबारी सूर्यांश यादव है। वह आनलाइन सट्टा खेलता है और सतना के दो बड़े सटोरियों के साथ मिलकर सट्टा खिलवाता भी था।

    पिछले दिनों वह बड़ी रकम हार गया था। उसे पता था कि रकम लेने के लिए एजेंट किशन दिलीप पांचाल अक्सर आते हैं। इसी के चलते उसने लूट की साजिश रच डाली। रविवार को तीनों आरोपित सिपाहियों की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस ने दी थी, लेकिन सोमवार को झांसी की पुलिस का दावा किया कि दो सिपाही पकड़े गए हैं। तीसरा सिपाही व अन्य तीन आरोपित फरार हैं। लूट की रकम बरामद हो गई है।

    ये लोग करते हवाला कारोबार

    पूछताछ में सामने आया है कि मामले में फरार सतना के लालता चौक निवासी नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी हवाला का कारोबार करते हैं। लूटी गई रकम हवाला की होने और सट्टेबाजी की बातें सामने आने के बाद पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।

    क्रेटा गाड़ी में आए थे वर्दीधारी

    झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सोमवार को बताया कि किशन दिलीप भाई पांचाल शुक्रवार दोपहर खुशीपुरा निवासी ट्रेवल्स कारोबारी सूर्यांश यादव के यहां रुपये लेने पहुंचे। उससे 24.90 लाख रुपये लिए और स्कूटर से घर लौट रहे थे। मिनर्वा चौराहा के पास काले रंग की क्रेटा गाड़ी में सवार तीन वर्दीधारी समेत कुछ लोगों ने उन्हें रोका और जबरन साथ ले गए। एक आरोपित उनका स्कूटर लेकर चला गए।

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    दो घंटे बाद छोड़ा

    दो घंटे हाईवे पर घुमाने के बाद उन्हें बाईपास पर छोड़ दिया और स्कूटर भी दे दिया। वह घर पहुंचे और डिक्की देखी तो रकम गायब थी। पुलिस ने जांच के बाद छह लोगों के खिलाफ डकैती व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    ट्रैवल्स कारोबारी के संपर्क में थे

    पुलिस के अनुसार तीनों सिपाही भी सट्टा खेलते थे और इसी वजह से वह ट्रैवल्स कारोबारी सूर्यांश यादव के संपर्क में थे। पुलिस को सबसे ज्यादा सुराग कैमरों से ही मिला। क्रेटा गाड़ी लेकर आरोपित मिनर्वा से कचहरी चौराहा से मेडिकल कालेज के रास्ते निकले थे। पुलिस ने मिनर्वा से ही गाड़ी जाते देखकर पीछे-पीछे कैमरों से सुराग निकाला।

    200 से ज्यादा सीसीटीवी जांचने के बाद दबोचे आरोपित

    इसके बाद पुलिस मेडिकल कालेज से बड़ागांव तक पहुंची। 200 से ज्यादा सीसीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद आरोपित दबोच लिए गए। मामले में पकड़े गए दतिया निवासी गौरव यादव, झांसी के खुशीपुरा का सूर्यांश यादव, बल्लमपुर निवासी सुखवीर, महावीरनपुरा नगर निवासी सूरज सिंह, जालौन पुलिस लाइन में तैनात ललितपुर निवासी दो सिपाहियों राघवेंद्र राजपूत व मनोज समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    ये अभी भी फरार

    जालौन में तैनात दतिया निवासी सिपाही नीरज राजपूत, दतिया का ही अंकित यादव, नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी फरार हैं। सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू तीनों सिपाहियों झांसी पीएसी में साथ तैनात रह चुके थे। वे 2023 में उरई आए थे, तबसे पुलिस लाइन में तैनात थे।

    एक एसपी कार्यालय में टेलीफोन ड्यूटी पर था

    मनोज एसपी कार्यालय में टेलीफोन ड्यूटी करता था और राघवेंद्र भी तीन माह पहले एस्कार्ट में ड्यूटी करता रहा है। नीरज लाइन में भी अन्य पटल पर ड्यूटी करता था। एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब आगे की कार्रवाई झांसी पुलिस के द्वारा की जाएगी।

    तीनों सिपाहियों को मिले एक-एक लाख रुपये

    पूछताछ में सामने आया है कि पूरी घटना की स्क्रिप्ट झांसी के एक होटल में लिखी गई थी। लूट की रकम से एक-एक लाख रुपये का हिस्सा लेकर सिपाही जालौन लौट गए थे, लेकिन मामला खुलने के बाद तीनों ड्यूटी से गायब हो गए थे।

    पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर खुशीपुरा से मिनर्वा चौराहा तक की थी रेकी

    आरोपित सूर्यांश यादव ने बताया कि नितिन और संस्कार बड़े पैमाने पर सट्टा खिलाते हैं। वह हवाला के जरिए पैसा मंगाते थे। आठ जुलाई को संस्कार तेजवानी ने सूर्यांश से 25 लाख रुपये लेने के लिए किशन दिलीप भाई को काल की थी। किशन ने सूर्यांश से बात की, तभी सूर्यांश ने रकम हड़पने की साजिश रच ली।

    अंकित ने निकाली थी रकम, हाईवे पर गाड़ी में बैठकर गिने थे नोट

    मिनर्वा चौराहा से गाड़ी में बैठाने के बाद स्कूटर अंकित यादव ने ले ली थी। मेडिकल कालेज निकलने के बाद अंकित ने स्कूटर से रकम निकालने के बाद अपने एक साथी को दे दी थी। इसी बीच यह लोग क्रेटा कार से कचहरी चौराहा से बस स्टैण्ड होते हुएं हाईवे पर पहुंचे थे।

    सूर्यांश से मिलने आए थे सिपाही, तभी दबोचे गए

    पुलिस के मुताबिक सिपाही सूरज, राघवेन्द्र व सिपाही नीरज तीनों जालौन आकर एक दोस्त के घर रुक गए थे। इसी बीच अगले दिन उनको पता चला कि पूरा मामला पुलिस के पास पहुंच गया है, जिससे डरकर यह सभी गैर हाजिर हो गये। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए सूर्यांश से मिलने झांसी पहुंचे थे, तभी पुलिस टीम ने इनको भी दबोच लिया।

    गुमराह करने के लिए लिया पुलिस का सहारा

    आरोपित सूर्यांश को पता था कि किशन दिलीप को लूटना आसान नहीं होगा, इसीलिए पुलिस का सहारा लेकर लूट कराई गई। पुलिसकर्मियों को देखकर किशन दिलीप विरोध नहीं कर पाए। उनको पता था कि यह रकम सट्टे की है, इसलिए पुलिसवालों को देखकर खामोशी से कार में बैठ गए थे। लूट में प्रयोग की गई क्रेटा कार सिजवाहा एक व्यक्ति की बेटी के नाम पर है। आरोपित गौरव यादव से उनकी जान-पहचान थी।

    14 हजार के वेतन पाने वाला किशन पाश कालोनी में किराए पर लिए है मकान

    पुलिस के मुताबिक आरोपी नितिन व संस्कार सट्टा खिलाने के बाद हवाला के माध्यम से रकम मंगाते थे। कई बार किशन दिलीप पैसा ले जा चुका था। वह कई और लोगों की रकम यहां से वहां भेजता था। अब पुलिस उन लोगों की कुंडली बना रही है, जिनका पैसा वह हवाला के जरिए यहाँ से वहाँ करता था। किशन दिलीप भाई पाचाल से कोतवाली पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पता चला कि वह एजेंट के तौर पर काम करता है। वह गुजरात, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों के व्यापारियों के लिए रकम यहां से वहां करने का काम करता था।