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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पूर्वांचल की सड़कों पर दौड़ रही खून चूसने वाली एंबुलेंस

    By Dharmendra PandeyEdited By:
    Updated: Mon, 04 Jul 2016 12:49 PM (GMT+05:30)

    पूर्वांचल की सड़कों पर तो आजकल ऐसी एंबुलेंस दौड़ रही हैं, जो खून चूसने का काम कर रही है। ऐसी एंबुलेंस में किसी को भी किडनैप करने के बाद उसका खून निकाल ...और पढ़ें

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    जौनपुर/वाराणसी (जेएनएन)। एंबुलेंस के रूप में एक जीवनदायिनी की तस्वीर सामने आती है, लेकिन पूर्वांचल की सड़कों पर तो आजकल ऐसी एंबुलेंस दौड़ रही हैं, जो खून चूसने का काम कर रही है। ऐसी एंबुलेंस में किसी को भी किडनैप करने के बाद उसका खून निकालने का काम चल रहा है।

    ऐसा तो कोई सोच भी नहीं सकता कि राह चलते एंबुलेंस से उसको अगवा करने के बाद दरिंदे सिरिंज लगाकर उसके शरीर से खून निकाल लेंगे। इतना ही नहीं खून चूसने के बाद यह लोग उसको बिना किसी परवाह के सड़क के किनारे फेंक देंगे। बिना यह सोचे कि आदमी मर गया है या फिर जिंदा है। तीन दिन पहले एक बालक ऐसी ही एंबुलेंस का शिकार बना।

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    जौनपुर में यह शुक्रवार सुबह कक्षा आठ में पढऩे वाले छात्र आदर्श (14) के साथ हुई। वाराणसी के जंसा के बरेमा गांव का आदर्श जौनपुर के सिद्दीकपुर में चाचा के साथ रहकर पढ़ाई करता है। सुबह करीब छह बजे सेंट जांस स्कूल जाने से पहले वह सब्जी व रीचार्ज कूपन लेने चौराहे पर गया था। उसे अकेला पाकर एंबुलेंस सवार दो लोगों ने बुलाया और बोरी अंदर रखवाने में मदद मांगी। जैसे ही छात्र बोरी को अंदर रखने को झुका, पीछे से नाक पर रूमाल रख देने से वह बेहोश हो गया।

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    आदर्श को अगवा कर जफराबाद ले जाया गया। वहां रेलवे स्टेशन के करीब एक जर्जर मकान में कुर्सी पर बिठाकर रस्सी से बांध दिया गया। एंबुलेंस सवारों ने किशोर के दोनों हाथों से खून निकाला। खून इतनी तेजी से निकाला गया कि उसकी हालत और गड़बड़ हो गई। किशोर को होश तो नहीं आ रहा है, इसका पता लगाने के लिए बीच-बीच में उसके हाथ और तलवे में ब्लेड भी मारी गई। खून निकालने के बाद उसे वहीं छोड़ एंबुलेंस सहित सवार भाग गए।

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    काफी देर तक बेहोश रहे किशोर को ट्रेनों की आवाजाही पर बजने वाली सीटी से होश आया। कमरा पूरी तरह अंधकारमय था। कीड़े-मकोड़े भी थे। किसी तरह बंधन मुक्त कर फावड़े से दरवाजा तोड़कर वह बाहर निकला और जफराबाद स्टेशन पहुंच मदद की गुहार लगाई। बावजूद इसके कोई आगे नहीं आया।

    आरपीएफ जवान तो दया आई

    जफराबाद स्टेशन पर आरपीएफ जवान विनोद यादव को किशोर पर दया आई। वह आदर्श को कमरे पर ले गया और खाना खिलाकर मोबाइल फोन से परिवार के लोगों से बात भी कराई। बाद में घर वाले भी पहुंचे। घर वाले किशोर को लेकर जफराबाद थाने गए।

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    अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में मामले को सरायख्वाजा थाने को स्थानांतरित कर दिया गया। जौनपुर में मेडिकल मुआयना हुआ तो चिकित्सकों का कहना था छात्र के शरीर से अत्यधिक खून तेज रफ्तार से निकाला गया है। इलाज से कुछ ही देर में छात्र की हालत सुधरी तो परिवार के लोग उसे अपने साथ वाराणसी लेकर चले गये।

    दहशत में परिवार के लोग

    आदर्श के साथ हुई घटना को लेकर परिवार के लोग दहशत में हैं। खून निकालने वाले कौन लोग थे और क्या चाहते थे, यह सब फिलहाल अभी पहेली बनी हुई है। आसपास के भयभीत लोग अब अपने बच्चों को अकेले स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।

    पुलिस की सुस्त चाल

    घटना की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने कुछ एंबुलेंस चालकों के घर छापेमारी की है, मगर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। उधर पुलिस ने परसों जफराबाद रेलवे स्टेशन के समीप पास कमरे से कुर्सी, नायलान की रस्सी व सूई बरामद कर ली है।