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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jaunpur News: ईरान से 34वें दिन घर पहुंचा इंजीनियर शिवेंद्र का शव, गांव में मची चीख-पुकार; भोर में हुई अंत्येष्टि

    Updated: Wed, 30 Apr 2025 12:00 PM (IST)

    UP News उत्तर प्रदेश में जौनपुर के इंजीनियर शिवेंद्र प्रताप सिंह का शव ईरान में हुए जहाज हादसे के 34वें दिन बुधवार भोर में घर पहुंचा। शव के पहुंचते ही ...और पढ़ें

    शिवेंद्र प्रताप सिंह । फाइल फोटो - स्रोत -स्वजन
    शिवेंद्र प्रताप सिंह । फाइल फोटो - स्रोत -स्वजन

     जागरण संवाददाता, जौनपुर। ईरान में 27 मार्च को शिप हादसे में जान गंवान वाले तिलवारी के इंजीनियर शिवेंद्र प्रताप सिंह का शव दुर्घटना के 34वें दिन झारखंड से बुधवार भोर में चार बजे घर पहुंचा।

    ताबूत खुलते ही स्वजन में कोहराम मच गया। शव से उठ रही दुर्गंध के चलते दरवाजे पर अंतिम दर्शन के लिए मात्र दस मिनट ही रखा गया। इसके बाद पिलकिछा श्मशान घाट पर अंतिम संस्कर किया गया।

    शिवेंद्र का शव ईरान से चूकवश जौनपुर की बजाय झारखंड पहुंच गया था। सूचना मिलने पर पिता संदीप कुमार सिंह मंगलवार को झारखंड के चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल पहुंचे और वहां से शव लेकर बुधवार को भोर में पहुंचे।

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    34वें दिन शिवेंद्र का शव घर पहुंचा। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)

    शिवेंद्र मर्चेंट नेवी में मालवाहक जहाज पर तकनीकी सहायक थे। गत 27 मार्च को उनका जहाज ईरान में पहुंचा था। वहां हुई दुर्घटना में शिवेंद्र और झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर के आनंदपुर निवासी आह्लाद नंदन महतो की मौत हो गई थी।

    प्रशासनिक गलती से शिवेंद्र का शव जौनपुर की जगह चक्रधरपुर पहुंच गया। वहां ताबूत खोलकर देखा गया तो शिवेंद्र का शव मिला। आह्लाद के भाई रघुनंदन ने शिवेंद्र के पिता संदीप को सूचना दी। बेटे का शव लेने संदीप विमान से रांची गए फिर सड़क मार्ग से चक्रधरपुर पहुंचे थे।

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