जौनपुर में प्रतिभा निखारने का साधन बनेंगे पंचायत भवन, 346 में बनेंगे ई-लर्निंग सेंटर
जौनपुर के 346 पंचायत भवनों में ई-लर्निंग सेंटर और पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। यह पहल ग्रामीण छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और तकनीकी शिक् ...और पढ़ें

प्रतिभा निखारने का साधन बनेंगे पंचायत भवन।

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जागरण संवाददाता, जौनपुर। पंचायत भवन अब छात्रों की प्रतिभा निखारने का भी साधन बनेंगे। कुल 21 ब्लाकों के 346 पंचायत भवनों में ई-लर्निंग के लिए शानदार पुस्तकालय बनाया जाएगा। इस पर 13 करोड़, 84 लाख रुपये का भारी- भरकम बजट खर्च किया जाएगा।
इसका मकसद गांव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उन छात्रों को मदद पहुंचाना है जो महंगी किताबें नहीं खरीद पाते हैं। पंचायत भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जा रहा है। प्रत्येक पर 17 से 21 लाख रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं।
अलग से पुस्तकालय के लिए आरक्षित किए जाने वाले कमरों में बैठने के लिए कुर्सियों के अलावा कंप्यूटर व इंटरनेट की भी सुविधा होगी, जिससे छात्र इसका उपयोग कर सकें। पहली कड़ी की रूपरेखा तैयार करते हुए इसे बनाए जाने की प्रकिया पूरी कर ली गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
पंचायत भवनों में पहले से ही तमाम तरह के ऑनलाइन प्रमाण पत्र दिए जाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में इस पहल को एक बेहतर बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पंचायत भवन के प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये खर्च किया जाएगा। इसमें महज किताबों पर 90 हजार रुपये खर्च होंगे, जिसके मुहैया कराने की जिम्मेदारी नेशनल बुक ट्रस्ट को दी गई है। पंचायत भवनों में पुस्तकालय से जहां तकनीकी आधारित शिक्षा ग्रहण करने से ग्रामीण छात्रों को मदद मिलेगी, वहीं जरूरतमंदों को मदद भी।
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250 में पहुंचा गया फर्नीचर
250 पंचायत भवनों में फर्नीचर पहुंचा दिया गया है, जबकि अन्य प्रक्रिया में हैं। आने वाले दिनों में अन्य में भी कंप्यूटर सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
प्रथम चरण में 346 पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की प्रकिया पूरी की जा चुकी है। नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से किताबें भी मुहैया करा दी गई है। जुलाई से इसकी शुरूआत करा दी जाएगी। इस पहल से ग्रामीण छात्रों को पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। -नवीन सिंह, डीपीआरओ।