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    जौनपुर में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते दारोगा रंगे हाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 07:55 PM (IST)

    जौनपुर में मड़ियाहूं कोतवाली के उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। उन पर मारपीट के एक मामले म ...और पढ़ें

    10 हजार रुपये रिश्वत लेते दारोगा रंगे हाथ गिरफ्तार।

    10 हजार रुपये रिश्वत लेते दारोगा रंगे हाथ गिरफ्तार।

    HighLights

    1. उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

    2. एंटी करप्शन टीम वाराणसी मंडल ने की कार्रवाई।

    3. मारपीट मामले में नाम बढ़ाने को मांगी थी रिश्वत।

    जागरण संवाददाता, जौनपुर। मड़ियाहूं कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को एंटी करप्शन थाना वाराणसी मंडल की टीम ने गुरुवार की शाम 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जलालपुर थाने में ले जाकर मुकदमा दर्ज कराने के बाद टीम आरोपित को साथ लेकर वाराणसी चली गई।

    मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के ककराहीं गांव निवासी गोविंद सिंह ने बुधवार को एंटी करप्शन थाना वाराणसी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत की कि उनके भतीजे अमन सिंह ने मड़ियाहूं कोतवाली में मारपीट की घटना से संबंधित मुकदमा दर्ज कराया है। इसकी विवेचना कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति कर रहे हैं।

    आरोप लगाया विवेचक रामाश्रय प्रजापति मारपीट में शामिल अन्य आरोपितों का नाम बढ़ाने के लिए रिश्वत के तौर पर 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। न देने पर नाम न बढ़ाने व मुकदमा कमजोर करने की धमकी दे रहे हैं।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर मैनेजर सिंह के नेतृत्व में दारोगा को रंगेहाथ पकड़ने के लिए टीम गठित की गई। तय की गई रणनीति के तहत शिकायतकर्ता गोविंद सिंह ने गुरुवार की शाम मड़ियाहूं कस्बा में कोतवाली से कुछ ही दूरी पर स्थित मौर्य टी स्टाल पर रामाश्रय प्रजापति को बुलाया।

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    टीम नागरिक वेश में दुकान में व आसपास घात लगाए मुस्तैद हो गई। गोविंद सिंह ने जैसे ही शाम 4.07 बजे रामाश्रय प्रजापति को 10 हजार रुपये सौंपे, टीम ने रिश्वत में लिए गए नोटों के साथ उन्हें धर दबोचा। हाथ धुलवाया तो नोटों में केमिकल लगे होने से पानी का रंग गुलाबी हो गया।

    आरोपित दारोगा को साथ से जाकर जलालपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराकर चालान कर न्यायालय में पेश करने के लिए साथ लेकर टीम वाराणसी चली गई।

    मालूम हो कि बलिया जिले के ग्राम व थाना फेफना निवासी रामाश्रय प्रजापति की वर्ष 1989 में पुलिस महकमे में आरक्षी पद पर भर्ती हुई थी। वर्ष 2023 में उपनिरीक्षक पद पर प्रोन्नति हुई थी।