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    तड़का लगाते ही उठने लगीं लपटें... झांसी स्टेशन के फूड प्लाजा पर गैस लीक से भड़की आग; यात्रियों में फैली दहशत

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 10:09 AM (GMT+05:30)

    झांसी रेलवे स्टेशन के एक्सप्रेस फूड प्लाजा में सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण आग लग गई, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। दमकल की गाड़ियों ने समय रहते आग ...और पढ़ें

    HighLights

    1. झांसी स्टेशन के फूड प्लाजा में गैस रिसाव से आग।

    2. दमकल ने समय पर पहुंचकर बड़े हादसे को टाला।

    3. घरेलू सिलेंडर के उपयोग पर रेलवे सुरक्षा पर सवाल।

    जागरण संवाददाता, झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित एक्सप्रेस फूड प्लाजा में शनिवार सुबह-सुबह सिलिंडर से गैस रिसाव के बाद लगी आग से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किचन में पहले से गैस लीक हो रही थी। जैसे ही रसोइये ने सब्जी में तड़का लगाया, उठी लपटों ने पूरे किचन को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि किचन का फर्नीचर, रैक और अन्य सामान जल गया।

    दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं

    घटना के समय सबसे बड़ा खतरा किचन में रखे कई गैस सिलिंडरों से था। यदि आग सिलिंडरों तक पहुंच जाती और उनमें विस्फोट हो जाता तो प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मौजूद सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। संयोग अच्छा रहा कि समय रहते कर्मचारियों ने सूचना दी और दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले

    आग लगते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई। लोग अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कुछ देर तक स्टेशन परिसर में खलबली जैसी स्थिति बनी रही। रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।

    रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए

    घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार फूड प्लाजा में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा था, जबकि रेलवे के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल सिलिंडर का इस्तेमाल अनिवार्य माना जाता है। इतना ही नहीं, घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर कैटरिंग के एक अफसर का कार्यालय होने के बावजूद इस अनियमितता पर किसी की नजर नहीं पड़ी। यदि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन कराया गया होता तो इस घटना से बचा जा सकता था।

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    रेलवे अधिकारियों ने जांच की शुरू

    रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह पड़ताल की जा रही है कि गैस रिसाव कैसे हुआ? घरेलू सिलिंडरों का उपयोग किसकी अनुमति से किया जा रहा था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व संचालकों पर क्या कार्रवाई होगी। स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थल पर हुई इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।