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    झांसी में जिस युवक के अंतिम संस्कार की हो रही थी तैयारी, वह घर लौटा तो बढ़ गया पुलिस का सिरदर्द

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 06:08 PM (IST)

    Ajab-Gajab: उसके घर में रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई थीं, लेकिन रात में बेटा सकुशल घर लौट आया। इसके बाद पुलिस को दोबारा जांच करनी प ...और पढ़ें

    HighLights

    1. रेलवे ओवरब्रिज से कूदकर ‘जान गंवाने’ वाला दिल्ली से सकुशल घर लौटा 

    2. पुलिस को दोबारा शुरु करनी पड़ी जांच, अज्ञात शव की पहचान बड़ी चुनौती

    जागरण संवाददाता, झांसी। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के जनपद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यह मामला है मऊरानीपुर से गायब युवक को लेकर। उसके घर के लोग रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे और वो घर लौट आया। 

    रेलवे ओवरब्रिज से कूदकर जान गंवाने वाले अज्ञात युवक के शव की पहचान परिवार के लोगों ने अपने लापता बेटे के रूप में कर ली थी। उसके घर में रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई थीं, लेकिन रात में बेटा सकुशल घर लौट आया। इसके बाद पुलिस को दोबारा जांच करनी पड़ी और अब अज्ञात शव की असली पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

    मऊरानीपुर क्षेत्र के बड़े हनुमान गांव में रविवार की घटना ने पुलिस और परिवार के लोगों को हैरान कर दिया। रविवार दोपहर रेलवे ओवरब्रिज से कूदकर एक अज्ञात युवक की मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर बड़े हनुमान गांव निवासी भजन लाल मौके पर पहुंचे। जिस युवक की मौत हुई थी उसकी लंबाई, रंग और चेहरे की बनावट उनके बेटे अशोक (40) से काफी मिलती-जुलती थी। इसी आधार पर उन्होंने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में कर दी।

    अज्ञात की पहचान होने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी और परिवार में शोक छा गया। रिश्तेदारों व परिचितों को भी अशोक की मौत की सूचना दे दी गई। घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच रविवार रात करीब नौ बजे अप्रत्याशित घटनाक्रम हुआ।

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    अशोक सकुशल अपने घर पहुंच गया। उसे जीवित देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। इसके बाद परिवार के लोगों ने तत्काल जीआरपी को सूचना दी कि जिस शव की पहचान उन्होंने की थी, वह उनके बेटे का नहीं है।

    जीआरपी ने सोमवार सुबह अशोक को थाने बुलाकर पूछताछ की। अशोक ने बताया कि वह करीब दो महीने पहले मजदूरी करने दिल्ली गया था। वहां काम नहीं मिलने के कारण वह वापस घर लौट आया। घर पहुंचने पर उसे पता चला कि परिवार उसकी मौत का शोक मना रहा था।