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बंगाल में मुस्लिम युवती से निकाह और 3 बच्चे... झांसी आकर युवक ने फिर बदली पहचान, कहानी सुनकर अधिकारी भी हैरान

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:35 PM (IST)

झांसी के एक युवक ने पश्चिम बंगाल में रोजगार के दौरान इस्लाम अपनाया, मुस्लिम युवती से निकाह कर तीन बच्चों ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. झांसी के युवक ने पश्चिम बंगाल में इस्लाम धर्म अपनाया।

  2. मुस्लिम युवती से निकाह कर तीन बच्चों का पिता बना।

  3. झांसी लौटकर परिवार संग पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया।

अतुल शर्मा, झांसी। रोजी-रोटी की तलाश में झांसी से पश्चिम बंगाल पहुंचे राजापुर के एक युवक की पहचान वहां बदल गई। शपथपत्र में युवक ने दावा किया है कि जान का खतरा और दबाव महसूस होने पर उसने इस्लाम धर्म अपना लिया और राजकुमार से रफीक खान बन गया।

इसी दौरान उसने मुस्लिम युवती से निकाह किया और 3 बच्चों का पिता बना। अब झांसी लौटने के बाद उसने पत्नी व बच्चों के साथ दोबारा हिन्दू धर्म अपनाने का दावा किया है। राजकुमार और उसकी पत्नी ने जिलाधिकारी को अलग-अलग शपथपत्र देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।

पहचान तक बदल गई

रक्सा थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर निवासी राजकुमार पुत्र महादेव ने जिलाधिकारी को दिए शपथपत्र में बताया कि वह कुछ वर्ष पहले रोजगार के लिए पश्चिम बंगाल गया था। वहां काम करने के दौरान उसके अनुसार उस पर दबाव बनाया गया और सुरक्षा को लेकर चिन्ता उत्पन्न हुई।

इसके बाद उसने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। धर्म परिवर्तन के बाद उसका नाम रफीक खान पुत्र सजीमुद्दीन निवासी विशनपुरा, थाना कालियाचक, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल हो गया। उसके आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज में भी यही नाम दर्ज हो गया।

शादी के बाद 3 बच्चों का पिता बना

धर्म परिवर्तन के बाद राजकुमार उर्फ रफीक ने मुस्लिम युवती से शादी कर ली। दम्पती के तीन बच्चे भी हुए। लम्बे समय तक पश्चिम बंगाल में रहने के बाद अब वह पत्नी और बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव राजापुर वापस आया है। यहां लौटने के बाद उसने अपनी मूल पहचान और धर्म में वापस आने की बात कही है।

पुराने दस्तावेज को बनाया आधार

राजकुमार ने शपथपत्र में कहा है कि उसका मूल नाम राजकुमार पुत्र महादेव है और वह हिन्दू है। अपनी मूल पहचान के प्रमाण के रूप में उसने पिता के राशन कार्ड तथा प्राथमिक विद्यालय की कक्षा 5 की अंकतालिका में दर्ज नाम का उल्लेख किया है। उसने कहा कि पत्नी और बच्चों के साथ उसने पुन: हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है।

पत्नी ने भी कहा- 'स्वेच्छा से स्वीकार किया पति का धर्म'

राजकुमार की पत्नी अफसारी खातून ने भी जिलाधिकारी के समक्ष अलग शपथपत्र दिया है। इसमें उसने बताया कि उसे और उसके परिवार को जानकारी थी कि उसने दूसरे धर्म के युवक से विवाह किया है। अब वह अपनी इच्छा से अपने पति का धर्म स्वीकार कर रही है।

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प्रशासन को शपथपत्र देकर बताई पूरी स्थिति

पति-पत्नी की ओर से दिए गए शपथपत्र में पश्चिम बंगाल में धर्म परिवर्तन से लेकर झांसी लौटने के बाद मूल धर्म स्वीकार करने तक की स्थिति का उल्लेख किया गया है।

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इस तरह एक ही परिवार में प्रदेश बदलने के साथ पहचान और धर्म बदलने तथा फिर पैतृक गाँव लौटने पर मूल धर्म स्वीकार करने का मामला सामने आया है।