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नौकरी और MLM के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, झांसी पुलिस ने 8 को दबोचा, 50 लोगों को कराया मुक्त

Published: Sat, 05 Sep 2026 05:28 PM (IST)

झाँसी पुलिस ने नौकरी और मल्टी-लेवल मार्केटिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। ...और पढ़ें

HighLights

  1. झाँसी पुलिस ने नौकरी ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया।

  2. आठ आरोपी गिरफ्तार, 50 महिला-पुरुष मुक्त कराए गए।

  3. गिरोह का नेटवर्क वाराणसी और लखनऊ तक फैला था।

जागरण सवाददाता, झांसी। नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाने और कथित रूप से फर्जी कम्पनि संचालित कर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने कार्यवाही करते हुए गिरोह के 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस केठग अनुसार, इनके चंगुल से 50 महिला-पुरुषों को मुक्त कराया गया है। गिरोह के तार झाँसी के अलावा वाराणसी और लखनऊ तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित विभिन्न पोर्टल और अन्य माध्यमों से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डाटा जुटाते थे। इसके बाद उनसे सम्पर्क कर अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। भरोसा कायम होने पर अभ्यर्थियों से एक से दूसरे स्थान बुलवाकर नेटवर्क में शामिल किया जाता था।

पहले नौकरी का सपना, फिर ट्रेनिंग के नाम पर वसूली

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह कथित रूप से फर्जी कम्पनि के माध्यम से लोगों को नौकरी दिलाने का आश्वासन देता था। अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर रकम जमा कराने के लिए कहा जाता था। पुलिस के अनुसार, शुरूआत में 25 हजार रुपये तक की धनराशि वसूले जाने की बात सामने आई है। इसके बाद लोगों को नेटवर्किंग और मल्टी लेवल मार्केटिंग से जोड़कर आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था।

विरोध करने पर बन्धक बनाने का आरोप

पुलिस का आरोप है कि गिरोह में शामिल लोग अपने साथ जुड़े व्यक्तियों को नेटवर्क से बाहर निकलने से रोकने के लिए दबाव बनाते थे। कुछ लोगों को कथित तौर पर जबरन अपने कब्जे में रखकर बन्धक बनाया गया। कार्यवाही के दौरान पुलिस ने ऐसे 50 महिला-पुरुषों को मुक्त कराया है।

वाराणसी-लखनऊ में भी फैला था नेटवर्क

प्रारम्भिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि इसी तरह की गतिविधियां पहले वाराणसी और लखनऊ में भी संचालित की जा चुकी हैं। वहां कार्रवाही के बाद गिरोह के कुछ सदस्य दूसरे स्थानों पर पहुंचकर अपना नेटवर्क खड़ा कर रहे थे। झांसी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों के नेटवर्क और उनसे जुड़े अन्य लोगों की पड़ताल कर रही है।

ये हुये गिरफ्तार

राम सिंह मीणा निवासी ग्राम सिरोली, थाना नरोली, जनपद टोंक (राजस्थान), लखन मीणा निवासी ग्राम कोयला, थाना बारा, जनपद टोंक (राजस्थान), बबलू निवासी ग्राम पनिहाला, कोटपूतली (राजस्थान), अरविंन्द कुमार निवासी ग्राम धंधपुर, थाना सिकन्दरा, जनपद जमुई (बिहार), प्रकाश प्रजापति निवासी ग्राम देवली, जनपद टोंक (राजस्थान), मोहित वर्मा निवासी राजनगर, थाना दूनी, जनपद टोंक (राजस्थान), सुरेन्द्र निवासी ग्राम राजनेर, थाना दूनी, जनपद टोंक (राजस्थान), तेजेश जाट निवासी ग्राम सूरसी, थाना गजरौली, जनपद टोंक (राजस्थान)।

यह सामान हुआ बरामद

पुलिस ने 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन और 8,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा कथित फर्जी कम्पनि से जुड़े रजिस्टर, कॉपी, डायरी, प्रमाण-पत्र, आवेदन फार्म, फाइल, कैशबुक, इंक्वायरी बुक, स्टैम्प पेपर और एक टीवीएस मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

इन पर दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में साइबर थाना झांसी में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यन्त्र, जबरन बन्धक बनाने समेत अन्य धाराओं में कार्रवाही की है।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेज और बैंक खातों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।