कन्नौज के पीएमश्री कंपोजिट स्कूल में लगी ‘डीएम की पाठशाला’, बच्चों के बीच बने शिक्षक
कन्नौज के जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय बेहरिन में बच्चों को पढ़ाया और उनके सामान्य ज्ञान का परीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना की और शिक्षकों को रचनात्मकता व वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के निर्देश दिए।

पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय बेहरिन में बच्चों को पढ़ाते जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री। सूचना विभाग
HighLights
कन्नौज के जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय पहुंचे
जिलाधिकारी के सहज और आत्मीय व्यवहार से विद्यालय का माहौल भी उत्साहपूर्ण हुआ
जागरण संवाददाता, कन्नाैज। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री शनिवार को एक प्रेरणादायी अंदाज में दिखे। वह सदर क्षेत्र के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय बेहरिन पहुंचे और औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका निभाई। स्वयं बोर्ड संभाला, बच्चों को पढ़ाया और भारत का नक्शा बनाकर उनसे सामान्य ज्ञान से जुड़े रोचक सवाल पूछते हुए उनकी ज्ञान क्षमता एवं आत्मविश्वास को परखा।
जिलाधिकारी के सहज और आत्मीय व्यवहार से विद्यालय का माहौल भी उत्साहपूर्ण हो गया। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ उनके सवालों के जवाब दिए। एक के बाद एक सही उत्तर मिलने पर जिलाधिकारी ने बच्चों की सराहना की। उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जिज्ञासा, निरंतर सीखने की आदत और आत्मविश्वास ही सफलता की मजबूत नींव हैं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, नई-नई चीजें सीखने तथा अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों को बच्चों में सीखने की जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी के साथ बीएसए संदीप कुमार, डीआईओएस पप्पू सरोज सहित अन्य अधिकारियों ने बच्चों के साथ विद्यालय में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन को भी ग्रहण किया। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं स्वाद को परखा तथा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और आनंददायक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
निजी विद्यालय की तुलना में शैक्षिक स्तर उत्तम
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के अनुसार किसी निजी विद्यालय की तुलना में बच्चों का शैक्षिक स्तर उत्तम पाया। सातवीं कक्षा की एक छात्रा से संवाद में आत्मविश्वास दिखा। भवन की साफ-सफाई ठीक थी। हालांकि बालक-बालिका शौचालय में इंटरलाकिंग ब्रिक्स और फिनाइल की कमी मिलने पर इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। कंप्यूटर लैब चलती पाई गई। विद्यालय मुख्य मार्ग के किनारे है, इसलिए वहां तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं है। जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसिलिंग की आवश्यकता है।
डीएम को शिक्षक के रूप में देख बच्चों का उत्साह बढ़ा
कक्षा 5 की छात्रा दामिनी, कक्षा 8 की शुभी, 8 के छात्र रौनक एवं छात्रा वैष्णवी, छात्र कमलकांत सहित अन्य छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि डीएम को अपने बीच शिक्षक के रूप में देखकर उन्हें बेहद खुशी और उत्साह महसूस हुआ। बोले, डीएम सर ने जिस सहज और आत्मीय अंदाज में उनसे बातचीत की और सवाल पूछे, उससे उन्हें बिना किसी झिझक के जवाब देने का आत्मविश्वास मिला। ‘डीएम की पाठशाला’ उनके लिए एक अनूठा और यादगार अनुभव रहा। डीएम द्वारा पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, देश-दुनिया की जानकारी और अपने लक्ष्य के प्रति मेहनत करने के लिए प्रेरित किया जाना उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देता रहेगा। बच्चों ने उत्साहपूर्वक कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करेंगे और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
