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    कन्नौज में रात्रि विश्राम का स्थान न मिलने पर धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, पुलिस से हुई नोकझोंक

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 11:40 PM (IST)

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में रात्रि विश्राम का स्थान न मिलने पर उन्होंने अनुयायियों संग धरना दिया, जिसके बाद पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उन्हों ...और पढ़ें

    रात्रि विश्राम का स्थान न मिलने पर धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद।

    रात्रि विश्राम का स्थान न मिलने पर धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद।

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    जागरण संवाददाता, कन्नौज। गो-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा लेकर निकले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रात्रि विश्राम का स्थान न मिलने पर उनके अनुयायियों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। इसके बाद सड़क किनारे ही अनुयायियों के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी धरने पर बैठ गए।

    उन्होंने प्रशासन पर रात्रि विश्राम की व्यवस्था करने वाले इत्र कारोबारी को धमकाने का आरोप लगाया। भीड़ बढ़ने पर मौन धारण कर लग्जरी कार के अंदर बैठ कर सुबह तक धरना देने की घोषणा की।

    बुधवार को औरैया से बिधूना होते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गाे-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा लेकर तिर्वा पहुंचे। यहां सपा और कांग्रेस के नेताओं के अलावा कई लोगों ने उनका स्वागत किया। यात्रा का रात्रि विश्राम स्थल आशा पब्लिक स्कूल छिबरामऊ में सुनियोजित था।

    यहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके ठहरने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन दोपहर दो बजे आशा पब्लिक स्कूल के संचालक मनोज दीक्षित ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को फोन कर यात्रा विश्राम की व्यवस्था न होने से ठहरने के लिए मना कर दिया।

    इस दौरान शहर के पाल चौराहा पर यात्रा के पहुंचते ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड हाईवे किनारे अनुयायियों की ओर से लगाए गए टेंट में बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अनुयायियों की पुलिस से करीब एक घंटे तक नोकझोंक हुई।

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    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें पता है कि प्रशासन ने ही आशा पब्लिक स्कूल के संचालक पर छापा मारने और उत्पीड़न करने की धमकी देते हुए रात्रि विश्राम व्यवस्था कराने से मना कर दिया। उनकी यात्रा का सिर्फ उद्देश्य गाय को राष्ट्रीय माता घोषित कराना है।

    मौके पर भीड़ बढ़ने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मौन धारण कर कार के अंदर बैठ गए। यात्रा के मंडल संयोजक शेष नरायन त्रिवेदी का कहना है कि छिबरामऊ में रात्रि विश्राम की व्यवस्था न होने से स्वामी को धरना देना पड़ा। उन्होंने शाम को पूजा भी नहीं की है। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे वह फर्रुखाबाद के लिए छिबरामऊ होते हुए निकलेंगे।

    जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि प्रशासन ने किसी तरह से गो-रक्षा यात्रा को नहीं रोका है। रात्रि विश्राम के लिए स्थान न होने से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्वयं ठहर गए हैं।

    वहीं, सदर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात्रि विश्राम के आयोजक मनोज दीक्षित ने स्वयं व्यवस्था न होने पर आशा पब्लिक स्कूल में ठहरने से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मना किया है। पुलिस की ओर से यात्रा को सहयोग किया जा रहा है।

    इससे पहले तिर्वा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भाजपा में सबसे बड़ा गोमांस का व्यापारी है। भाजपा ने अपनी मर्यादा तोड़ दी और सत्ता हासिल करने को सारी हदें पार कर दी। भाजपा के लोग गाय को माता कहने में परहेज करते, तभी गाय को माता घोषित नहीं कर रहे।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद औरैया के बेला से होते हुए उमर्दा, बलनपुर, लिलुइया, अहेर, तिर्वा, फगुआ भट्ठा, नजरापुर होकर पाल चौराहे पहुंचे। उनका तिर्वा में जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने पुष्प वर्षा की। सपा नेता कुक्कू चौहान के कार्यालय के बाहर स्वामी ने मीडिया से बातचीत की।

    इस मौके पर विजय द्विवेदी, अवनीश तिवारी, अरुण बघेल, अंशु पाल, सचिन चौहान, ब्रजपाल सिंह, अवनीश राजावत, सनी चौहान, पंकज पाल, योगेंद्र यादव व ऋषभ गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।

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