SBI के स्वरूप नगर ब्रांच में बड़ी गड़बड़ी, लाॅकर से 50 लाख के जेवर गायब, मैनेजर और कर्मचारियों पर केस
कानपुर के स्वरूप नगर स्थित एसबीआई बैंक के लॉकर से एक वृद्धा के 50 लाख रुपये के जेवर गायब हो गए। पुलिस आयुक्त के आदेश पर बैंक मैनेजर और कर्मचारियों के ...और पढ़ें

HighLights
2003 में स्वरूप नगर में खुले स्टेट बैंक आफ त्रिवेणीकोर में था खाता, बाद में एसबीआई में हुई मर्ज
2020 में दो बार लाॅकर देखने आई थीं पीड़िती बैंक, पुलिस सोमवार को प्रबंधक के दर्ज करेगी बयान
जागरण संवाददाता, कानपुर। स्वरूप नगर में एसबीआई के लॉकर से वृद्धा के 50 लाख के जेवर गायब हो गए। पीड़िता ने बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों पर जेवर निकालने का आरोप लगा पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। उनके आदेश पर शनिवार को मैनेजर व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जब पीड़िता ने कुछ दिन पहले बैंक से ही 1090 पर काल की थी तो पुलिस ने प्राथमिक जांच की तो पता चला कि वृद्धा वर्ष 2020 में दो बार लॉकर देखने आई थीं। उसकी बैंक में इंट्री भी है, लेकिन उसके बाद अब आई हैं। मामले में पुलिस सोमवार को बैंक खुलने पर मैनेजर व कर्मचारियों के बयान दर्ज करने जाएगी।
लखनऊ के आलमबाग निवासी तृप्ता कल्याल ने बताया कि कौशलपुरी निवासी उनकी वृद्ध मां रश्मि अरोड़ा ने वर्ष 2003 में स्टेट बैंक आफ त्रिवेणीकोर की स्वरुप नगर शाखा में बचत खाता खुलवाया था, जिसमें उनका 23 नंबर का लॉकर भी आवंटित कराया था।
लॉकर में उन्होंने लगभग 50 लाख रुपये के जेवर रखे थे। वह समय-समय पर जाकर लॉकर देखती थीं, लेकिन इसीबीच वर्ष 2011 में पिता का निधन हो गया। मां हृदय रोग से पीड़ित थी। इसलिए उन्हें अपने पास बुला लिया।
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चार माह पहले वह मां के साथ बैंक गई थीं, जहां शाखा प्रबंधक ने कहा कि अब वो बैंक भारतीय स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) में मर्ज हो चुकी है। अब यहां उनका कोई लॉकर नहीं है।
इसके बाद पीड़िता ने बेटी-दामाद के साथ बैंक खाते के सभी दस्तावेज लेकर एसबीआई के मैनेजर से मिलीं, तब उन्होंने उस खाता संख्या को जांचा। इस पर उन्हें बताया गया कि खाते में लॉकर का किराया कट रहा था, जिसके कारण पर्याप्त धनराशि नहीं है।
21 जुलाई को मां ने मैनेजर के कहने पर पहले 1000 रुपये खाते में जमा कर केवाइसी कराई। उसके बाद 27 जुलाई की दोपहर सवा तीन बजे उन्होंने खाते में लॉकर का किराया 3500 रुपये जमा किए। तब लॉकर खोला गया तो वह खाली थी।
उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बुलाया, लेकिन मैनेजर-कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मामले में मां ने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। उनके आदेश पर शनिवार को मैनेजर-कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कियाा गया।
स्वरूप नगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि लॉकर धारक 2020 में दो बार लॉकर खोलने आईं थीं। बैंक के रजिस्टर में इसकी इंट्री है। उसके बाद से अब गई हैं। प्रकरण की जांच की जा रही है।