कानपुर CSJMU में 12-13 सितंबर को होगा 'एआई मंथन', राज्यपाल आनंदीबेन की मौजूदगी में जुटेंगे प्रदेश भर के शिक्षाविद् और विशेषज्ञ
कानपुर में 12 और 13 सितंबर को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में 'एआइ मंथन' का आयोजन होगा। इसमें प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों के कुलपति और एआइ वि ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) का उपयोग शिक्षा, इंडस्ट्री, फाइनेंस सहित विभिन्न सेक्टर में कितना और कैसे प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, जिससे इसका सुरक्षित लाभ मिल सके। इसको लेकर शहर में एआइ मंथन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में 12 व 13 सितंबर को कराने की तैयारी है, इसकी अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, तकनीकी विश्वविद्यालय और चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, वित्त अधिकारी समेत एआइ के नोडल अधिकारी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में देश के प्रमुख एआइ विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे, जो इसकी जिम्मेदारी पर मंथन करेंगे।एआइ मंथन का पहला चरण लखनऊ स्थित डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एकेटीयू में बीते वर्ष आयोजित हुआ था।
इसका दूसरा चरण कानपुर में कराने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इस एआइ मंथन में देशभर से एआइ विशेषज्ञों के साथ बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री के मालिकों के साथ सीईओ, सीओओ समेत प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। इसमें एआइ से जुड़े नवाचार पर मंथन होगा। साथ ही, रणनीति बनेगी कि विश्वविद्यालयों में एआइ का उपयोग शिक्षा, प्रवेश, वित्त, पाठ्यक्रम, कार्यालय कार्यों में कैसे बढ़ाया जाए।
वहीं, साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एआइ रिस्पांसिबिलिटी पर भी चर्चा की जाएगी। इस एआइ मंथन में विभिन्न पैनल्स में विशेषज्ञ, उद्यमी, शिक्षाविद, वैज्ञानिक मंथन करेंगे, जिसकी एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट को प्रदेश व केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। साथ ही, इस मंथन के आधार पर ही तय होगा कि विश्वविद्यालय में किस प्रकार और किस-किस क्षेत्र में एआइ को शामिल किया जाए।
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इधर, किताबों से जुड़ने की मुहिम में शामिल हुए हजारों विद्यार्थी
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और उससे संबद्ध सात जिलों के महाविद्यालयों में सोमवार को एक पुस्तक पढ़ें अभियान के तहत हजारों विद्यार्थियों ने किताबों के साथ समय बिताया। अभियान का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना, पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना और अध्ययन संस्कृति को मजबूत करना रहा। अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने निर्धारित समय तक केवल भौतिक पुस्तकों का अध्ययन किया। अध्ययन के बाद विद्यार्थियों ने पुस्तक की विषयवस्तु पर संक्षिप्त चर्चा कर अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम में कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद और कन्नौज के सभी संबद्ध महाविद्यालयों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।