कानपुर में AI से सुधरेगी यातायात व्यवस्था, IIT मुंबई और चेन्नई अस्त्रम प्रोजेक्ट से दूर करेंगे शहर का जाम
कानपुर में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए आईआईटी मुंबई और चेन्नई के विशेषज्ञ 'अस्त्रम' पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं। यह एआई-आधारित सिस्टम न ...और पढ़ें

अस्त्रम प्रोजेक्ट को लेकर विशेषज्ञों से जानकारी लेते पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल(मध्य) व अन्य अधिकारी। पुलिस
HighLights
IIT मुंबई और चेन्नई के विशेषज्ञ बेंग्लुरू और विजयवाड़ा की तर्ज पर शहर में जाम की समस्या कर सकती दूर
एप के माध्यम से नागरिकों को सड़क निर्माण, गड्ढों, जुलूसों और रूट डायवर्जन समेत समस्याओं की देगी जानकारी
यह सिस्टम आपातकालीन वाहनों के लिए कानपुर शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाएगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। सालों से जाम की समस्या से जूझ रहे लाखों लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। जाम की समस्या को एआइ तकनीकी से आइआइटी मुंबई और चेन्नई के विशेषज्ञ बेंग्लुरु व आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की तर्ज पर अस्त्रम (एक्शनेबल इंटेलिजेंस फार सुसनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट) पायलट प्रोजेक्ट के तहत खाका तैयार कर रहे हैं।
इसके लिए कानपुर पुलिस आर्केडिस प्रबंधन कंपनी के साथ मिलकर अस्त्रम पायलट प्राजेक्ट की शुरुआत की है। शनिवार को पुलिस आफिस के सभागार में दोनों विशेषज्ञों ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल समेत अधिकारियों के सामने प्रोजेक्ट दिखाया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अस्त्रम एप के माध्यम से नागरिकों को यातायात व्यवस्था की जानकारी देंगे।
किस चौराहे पर जाम है कब जुलूस-यात्रा निकलेगी, डायवर्जन, किस सड़क पर खोदाई हो रही समेत अलर्ट एप के जरिए दी जाएगी। इससे उन्हें पता रहेगा कि उन मार्ग से न निकलें या कुछ देर बाद जाएं। इससे यातायात व्यवस्थित रहेगा। इसके लिए विशेषज्ञ एक सप्ताह तक शहर के प्रमुख जाम वाले चौराहे, मार्गों पर जाकर स्थिति देखेंगे और वहां तैनात पुलिसकर्मियों से समस्या, सुझाव पूछेंगे। साथ ही आइटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) का डेटा भी जुटाएंगे।
शहरी ढांचा, बिगड़ी चाल, अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सवारी वाहनों की अराजकता की वजह से यहां की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। कल्याणपुर क्रासिंग हो या फिर एलएलआर अस्पताल के सामने की रोड, झकरकटी पुल से टाटमिल चौराहा, घंटाघर, नौबस्ता, गोविंदनगर समेत शहर के दर्जनों प्रमुख चौराहों पर हर दिन कई बार लोग जाम से जूझते हैं।
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इस समस्यों से लोगों को निजात दिलाने के लिए पुलिस-प्रशासन सालों से प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली, लेकिन इस बार पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने यातायात को व्यवस्थित करने के लिए अस्त्रम पायलट स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट की मदद ले रही है।
शनिवार दोपहर पुलिस आयुक्त ने अस्त्रम पायलट प्रोजेक्ट के दो विशेषज्ञों को बुलवाया। इसमें एक आइआइटी मुंबई श्रीवास और आइआइटी चेन्नई के दीपांकर ने यातायात व्यवस्था को लेकर विजयवाड़ा और बेंग्लुरु के यातायात व्यवस्था उनके द्वारा सुधारे जाने के प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया।
उन्होंने प्रोजेक्ट के तहत बताया गया कि किस तरह से वह शहरी ढांचे के बीच वह यातायात को व्यवस्थित कर पाएंगे। उनका एप 15 मिनट में ही अपडेट हो जाता है और शहर की यातायात व्यवस्था से अपडेट जानकारी नागरिकों को अलर्ट करता है। विशेषज्ञों ने बताया कि इसके लिए ये प्लेटफार्म यातायात की निगरानी, हाटस्पाट की पहचान, फील्ड रिपोर्टिंग, कार्यक्रम प्रबंधन से क्षमताएं बढ़ाता है। इससे अधिकारिक तथ्यों व आंकड़ों पर आधारित निर्णय ले सकते हैं।
इस प्रोजेक्ट से कानपुर शहर की प्रतिक्रियात्मक यातायात प्रबंधन से सक्रिय व पूर्वानुमान आधारी प्रबंधन की ओर ले सकते हैं। ये पूरी तरह से डेटा- संचालित है। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डा. विपिन ताडा, एडीसीपी पश्चिम राजेश पांडेय समेत अधिकारियों ने विशेषज्ञों से उनके प्रोजेक्ट लेकर सवाल पूछे और अपने सुझाव भी दिए।
शहर में ये हैं चुनौतियां
शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या, मिश्रित यातायात, सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती मांग, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर गतिविधियां, निर्माण कार्य , अवैध पार्किंग,अतिक्रमण समेत कारण सड़कक पर अधिक दबाव बढ़ता है, जो हर रोज होता है। इस समस्या के चलते सुगम यातायात एक चुनौती है।
अस्त्रम से ये मिल सकते लाभ
- यातायात जाम होने से 15 मिनट पहले ही यह सिस्टम कंट्रोल रूम को चेतावनी यानी अलर्ट भेज देता है।
- आपातकालीन वाहनों और एंबुलेंस को बिना रुके निकालने के लिए यह सिस्टम ग्रीन कारीडोर बनाता है।
- यह शहर के सभी ट्रैफिक जंक्शनों, गूगल मैप्स और क्रेन को एक ही प्लेटफार्म पर पर जोड़ता है।
- यह सिस्टम पुराने डेटा का विश्लेषण करके भविष्य के लिए बेहतर सड़कें और वन-वे योजना करने में मदद करता है।
- लोग इसके मोबाइल एप के जरिए लाइव ट्रैफिक अपडेट देख सकते हैं और दुर्घटनाओं की रिपोर्ट सीधे पुलिस को कर सकते हैं।
क्या है अस्त्रम
अस्त्रम एक एआइ सझम व बड़ा डेटा आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लेटफार्म है, जिसे इस प्रकाश विकसित किया गया कि अधिकारी यह समझ सकें कि अभी क्या हो रहा है, यह क्यों हो रहा है और आगे क्या होने की संभावना है। विभिन्न डेटा स्रोतों को एकीकृत कर अस्त्रम कच्ची जानकारी को कार्रवाई योग्य इंटेलीजेंस में बदलती है, जिससे तेज और बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं।
अस्त्रम पायलट प्रोजेक्ट से शहर के यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास है। उनके विशेषज्ञ इस पर काम करेंगे। शहर की समस्याएं व समाधान देंखेंगे। पुलिस आइटीएमएस का डेटा उन्हें देगी और जहां जरूरत पड़ेगी मदद करेगी।
रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त
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