दुश्मनों को चकमा देंगे सैनिक, लेह-लद्दाख और सियाचिन की बर्फीली हवाओं से बचाएगा 'कोट कांबैट', 3.50 लाख का ऑर्डर
भारतीय सेना ने सियाचिन, लेह-लद्दाख में तैनात सैनिकों के लिए 3.50 लाख 'कोट कांबैट' का ऑर्डर दिया है। कानपुर की ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) द्वारा न ...और पढ़ें

रक्षा मंत्रालय के पीएसयू टीसीएल कंपनी, कानपुर द्वारा बनाया गया स्वदेशी कोट कांबैट का प्रोटोटाइप व राजीव शर्मा, डायरेक्टर (आपरेशंस), टीसीएल कंपनी। स्वयं
HighLights
सेना ने रक्षा मंत्रालय के पीएसयू को 3.50 लाख कोट बनाने का दिया आर्डर ।
डिजिटल कैमोफ्लाज प्रिंटिंग से दुश्मन को चकमा देने में सहायक।
-15 डिग्री सेल्सियस तक की ठंड से सैनिकों को बचाएगी।
विवेक मिश्र, कानपुर। सियाचिन ग्लेशियर, लेह-लद्दाख, द्रास की बर्फीली पहाड़ियों में तैनात सैनिकों को जल्द ही कोट कांबैट (अत्यधिक ठंडे वातावरण में पहनी जाने वाली गरम जैकेट) मिलेगी। आधुनिक डिजिटल कैमोफ्लाज प्रिंटिंग से तैयार कोट कांबैट पहने सैनिक आपरेशनल मूवमेंट के दौरान दुश्मनों को चकमा दे सकेंगे।
वहीं, चार डिग्री से माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में सैनिक सुरक्षित रह सकेंगे। भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय के पीएसयू ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल), कानपुर मुख्यालय को 367 करोड़ रुपये से 3.50 लाख कोट कांबैट बनाने का आर्डर दिया है। निगमीकरण के बाद टीसीएल कंपनी को ये सबसे बड़ा आर्डर मिलने का दावा किया गया है। ये कोट शाहजहांपुर और कानपुर की आयुध निर्माणियों में बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
सेना की मांग पर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलाजी (एनआइएफटी) नई दिल्ली में कोट कांबैट को डिजाइन किया गया। टीसीएल कंपनी ने डिजाइन के आधार पर माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में सैनिकों को सुरक्षित रखने वाले कोट कांबैट में टेक्निकल टेक्सटाइल्स और आधुनिक निर्माण तकनीक को शामिल किया ताकि सैनिकों को बेहतर सुरक्षा, आराम और आसानी से आवागमन हो सके।
कोट कांबैट वाटरप्रूफ व एयरप्रूफ है। इसमें बाहरी परत हवा आने-जाने देने वाली (ब्रीथेबल) है। सेना के ट्रायल में कोट कांबैट बेहतर पाया गया। अब टीसीएल के सीएमडी सुनील दाते के निर्देशन में उत्पादन कार्य शुरू होगा।
भारतीय सेना से मिला यह अहम आर्डर देश की सशस्त्र सेनाओं के लिए हाई परफार्मेंस और विकसित सुरक्षात्मक कपड़े उपलब्ध कराने के कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टेक्निकल टेक्सटाइल्स और निर्माण में नवाचार के जरिये सैनिकों की सुरक्षा और क्षमता में योगदान करने पर गर्व है। सेना से 3.50 लाख कोट कांबैट बनाने का आर्डर मिला है। आयुध निर्माणियों में इसे बनाने का काम तेजी से कराया जाएगा।
राजीव शर्मा, डायरेक्टर आपरेशंस टीसीएल कंपनी।
कोट कांबैट की खास बातें
- पूरी तरह से स्वदेशी डिजाइन और निर्माण, जो घरेलू रक्षा क्षमता को बढ़ावा देता है।
- बेहतर फील्ड परफार्मेंस और छिपने की क्षमता के लिए डिजिटल कैमोफ्लाज प्रिंटिंग।
- मजबूती, हवा के आवागमन और कम वज़न के लिए एडवांस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल्स।
- सैनिकों की गतिशीलता और आपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए एर्गोनोमिक बनावट।