Bilhaur MLA Report Card: बस अड्डा, ट्रामा सेंटर और डिग्री कॉलेज का इंतजार, विकास के बड़े वादे अधूरे
बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में 2027 चुनाव से पहले विकास के मुद्दे फिर चर्चा में हैं, जहां बस अड्डा, ट्रामा सेंटर और डिग्री कॉलेज जैसे कई वादे अधूरे हैं। ...और पढ़ें

HighLights
बस अड्डा, ट्रामा सेंटर, डिग्री कॉलेज का इंतजार।
न्यायिक क्षेत्राधिकार कानपुर नगर से माती स्थानांतरित।
अधूरी सड़क परियोजनाएं, उच्च शिक्षा का अभाव।
जागरण संवाददाता, कानपुर। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में विकास के मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। वर्ष 2022 के चुनाव से पहले किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हो सके। क्षेत्र में बस अड्डा, ट्रामा सेंटर, सड़क निर्माण, न्यायिक क्षेत्राधिकार और उच्च शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र अलीगढ़-कानपुर हाईवे से जुड़ा होने के बावजूद बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर और ककवन में आज तक एक भी बस अड्डे का निर्माण नहीं हो सका है।
हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन गंभीर घायलों के उपचार के लिए ट्रामा सेंटर का अभाव आज भी बड़ी समस्या बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने से कई घायल रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। वहीं बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर का कहना है कि ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए गए हैं।
विधानसभा के प्रमुख सड़क संपर्क की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। बिल्हौर-मकनपुर-विषधन मार्ग का निर्माण पिछले आठ वर्षों से अधूरा पड़ा है, जबकि जीटी रोड से उत्तरीपुरा-नदिहा मार्ग भी वर्षों से निर्माण की प्रतीक्षा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण आवागमन और कृषि उपज के परिवहन में कठिनाई होती है।
न्यायिक क्षेत्राधिकार का मुद्दा भी चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। बिल्हौर का न्यायिक क्षेत्राधिकार कानपुर नगर से हटाकर कानपुर देहात के माती किए जाने के बाद लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वर्ष 2022 के चुनाव से पहले इसे दोबारा कानपुर नगर से जोड़ने का वादा किया गया था, लेकिन साढ़े चार वर्ष बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। सीधी परिवहन व्यवस्था न होने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ता है।
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शिक्षा के क्षेत्र में भी क्षेत्र पिछड़ा हुआ माना जा रहा है। बिल्हौर, ककवन और विषधन क्षेत्र में सरकारी बालिका डिग्री कालेज न होने से छात्राओं को इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के लिए कानपुर नगर का रुख करना पड़ता है। डिग्री कालेज की स्थापना का वादा भी अब तक पूरा नहीं हो सका है।
परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ककवन-विषधन क्षेत्र के लोग लंबे समय से सीएनजी बस सेवा शुरू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन यह मांग अब तक फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हालांकि, शिवराजपुर में अटल श्रमिक आवासीय विद्यालय का निर्माण क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनी हैं। इसके साथ ही सड़कों,हाईवे पर फुटओवर ब्रिज, सड़क निर्माण के साथ ही अन्य विकास कार्य कराए गए हैं, इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास तभी संभव होगा, जब लंबे समय से लंबित बुनियादी सुविधाओं और अधूरे वादों को धरातल पर उतारा जाएगा।
जानिए- क्या कहना है विधायक का
क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सतत प्रयास में रहता हूं। स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पुलिस, सिंचाई और जनसुविधाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों बिल्हौर, ककवन, शिवराजपुर और चौबेपुर में आधुनिक एक्स-रे मशीनें स्थापित की गई हैं। 40 लाख रुपये से गंगा घाट का निर्माण कराया गया है। विधायक निधि से चौबेपुर, बिल्हौर कस्बा और नानामऊ तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर छह फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण प्रगति पर है। 12.25 लाख रुपये गंभीर बीमारी से पीड़ितों का उपचार कराया गया। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में करीब 29 सड़क एवं पुल परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन परियोजनाओं पर लगभग 250 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कार्य स्वीकृत एवं प्रगति पर हैं। विकास कार्यों के लिए सभी संभव कदम उठाए गए हैं।
- राहुल बच्चा सोनकर, भाजपा विधायक, बिल्हौर विधानसभा
इनकी भी सुनिए
भाजपा सरकार अपने प्रमुख वादे पूरे करने में विफल रही। छात्रों को लैपटाप और युवाओं को टैबलेट नहीं मिले, रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बने, किसानों की आय दोगुणा नहीं हुई और कर्जमाफी अधूरी रही। 24 घंटे बिजली, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, महिलाओं की सुरक्षा, स्मार्ट सिटी, गंगा व पर्यावरण संरक्षण, महंगाई पर नियंत्रण, भ्रष्टाचार पर रोक, जल संरक्षण, खेल सुविधाएं और बाढ़ नियंत्रण जैसे कई वादे भी पूरे नहीं हुए। क्षेत्र में कोई बड़े विकास कार्य नहीं हुए हैं, मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता परेशान हैं। आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
- रचना सिंह गौतम, रनरअप, सपा।
जनता ने कही ये बात
क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं। प्रतियोगी छात्रों के लिए निशुल्क कोचिंग शुरू हुई तथा कई शैक्षिक संस्थानों को विधायक निधि से सहयोग मिला। हालांकि रोडवेज बस अड्डा और स्टेडियम जैसी प्रमुख मांगें अधूरी हैं।
- प्रभाकर श्रीवास्तव, प्रबंधक बिल्हौर इंटर कालेज बिल्हौर
बिल्हौर की प्रमुख समस्याएं आज भी अनसुलझी हैं। नगर में वर्षों से रोडवेज बस स्टाप की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हुई। वहीं ककवन रोड रेलवे क्रासिंग पर जाम से लोगों को रोज परेशानी होती है। उन्होंने वहां ओवरब्रिज या अंडरपास बनाने की मांग की, ताकि मरीजों और राहगीरों को राहत मिल सके।साथ ही जनप्रतिनिधियों पर इन मुद्दों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
- अजयकांत बाजपेई, समाजसेवी
क्षेत्र में किसी उद्योग या कारखाने और उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय की स्थापना नहीं हुई है। इनके न होने के चलते रोजगार और पढ़ाई का संकट है। युवाओं को भटकना पड़ रहा है। आलू उत्पादन क्षेत्र होने के चलते इस क्षेत्र में इससे संबंधित कोई कारखाना लगाया जाना चाहिए।
अवधेश गुप्ता, कारोबारी, बिल्हौर
न्यायिक क्षेत्राधिकार बहुत ही गंभीर मामला है। इसे माती से वापस कानपुर लाने के लिए लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। इसी वजह से अभी तक क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है।
- राजकुमार सिंह भदौरिया, पूर्व अध्यक्ष बिल्हौर बार एसोसिएशन
विधानसभा क्षेत्र पर एक नजर
- कुल मतदाता : 3,40,950
- पुरुष : 1,88,749
- महिला : 1,52,193
- अन्य : 8
नोट:: यह मतदाता संख्या एसआइआर के बाद निर्वाचन आयोग से प्रकाशित सूची के आधार पर है।